
Oदेहरादून। संविधान दिवस पर रिसर्च फ़ाउन्डेशन ऑफ़ पॉलिसी एडमिनिस्ट्रेशन के तत्वाधान में आयोजित सेमिनार में वक्ताओं ने संविधान के महत्व और इसकी मूल भावना पर अपने विचार रखे।
सेमिनार में सम्बोधन करते हुए उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अनिल कुमार दीक्षित ने कहा कि “संविधान सिर्फ कानून नहीं, देश की आत्मा है।” उन्होंने कहा कि भारत का संविधान देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, न्याय और समानता को सुदृढ़ करता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इकफाई यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर रामकरन सिंह ने कहा कि “राष्ट्र वही महान होता है जो अपने संविधान का आदर करता है।” उन्होंने कहा कि संविधान ही वह आधार है जिस पर राष्ट्र की संपूर्ण संरचना खड़ी होती है।
फाउंडेशन के चेयरमेन प्रोफेसर सुशील सिंह ने कहा कि संविधान दिवस 26 नवंबर को मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन, वर्ष 1949 में, भारत की संविधान सभा ने देश के संविधान को अपनाया था।
वहीं डॉ. दिनेश सक्सेना ने कहा कि इस दिन को मनाने का उद्देश्य भारतीय संविधान के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि यह दिन डॉ. भीमराव अंबेडकर को भी समर्पित है। 19 नवंबर 2015 को भारत सरकार ने डॉ. अंबेडकर की 125वीं जयंती के अवसर पर घोषणा की थी कि हर वर्ष 26 नवंबर को ‘संविधान दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। तभी से संविधान दिवस पूरे देश में वृहद रूप से मनाया जा रहा है।




