लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बीच सरकार का फैसला
देहरादून। समान कार्य के लिए समान वेतन समेत कई मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलित उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (उपनल) के कर्मचारियों को राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। सरकार ने 12 वर्ष या उससे अधिक की निरंतर सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को वेतनमान का न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ता, समान कार्य–समान वेतन के सिद्धांत पर प्रदान करने का आदेश जारी कर दिया है।
सरकार द्वारा जारी किए गए शासनादेश के अनुसार, अब उपनल के ऐसे कर्मचारी जो वर्षों से एक ही पद पर सेवाएं दे रहे थे, उन्हें नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर न्यूनतम वेतनमान प्राप्त होगा। इससे हजारों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
यही नहीं, राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि चरणबद्ध तरीके से उन अन्य उपनल कर्मचारियों को भी—जिनकी निरंतर सेवाएं 12 वर्ष से कम हैं—वेतनमान का न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ता समान कार्य–समान वेतन के सिद्धांत पर यथाशीघ्र प्रदान किया जाएगा। इससे शेष कर्मचारियों के लिए भी उम्मीद की नई किरण जगी है।
कर्मचारियों का कहना है कि यह फैसला लंबे समय से चल रहे संघर्ष और आंदोलन का परिणाम है। सरकार के इस कदम से उपनल में कार्यरत कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति और कार्यस्थल पर मनोबल में बड़ा सुधार आने की संभावना व्यक्त की जा रही है।




