
मायावी ग्रहों का यह परिवर्तन जीवन, करियर और धन पर डालेगा बड़ा प्रभाव
वैदिक ज्योतिष में राहु और केतु को अत्यंत रहस्यमयी, छाया और मायावी ग्रह कहा जाता है। ये ग्रह दिखाई नहीं देते, परंतु इनका प्रभाव मनुष्य के जीवन, परिस्थितियों और देश-दुनिया के घटनाक्रम पर अत्यधिक शक्तिशाली माना जाता है। राहु-केतु को ‘छलिया’ भी कहा जाता है क्योंकि ये अचानक उतार-चढ़ाव, अवसर, भ्रम और अप्रत्याशित बदलाव लेकर आते हैं। दोनों ग्रह हमेशा वक्री गति से चलते हैं और एक-दूसरे से ठीक 180 डिग्री दूर रहते हैं। इस कारण इनका हर नक्षत्र परिवर्तन बेहद निर्णायक माना जाता है।
इस वर्ष 18 साल बाद राहु-केतु एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली बदलाव करने जा रहे हैं। 23 नवंबर 2025 को सुबह 9 बजकर 30 मिनट पर, राहु पूर्व भाद्रपद से निकलकर शतभिषा नक्षत्र में प्रवेश करेगा, जबकि केतु पूर्वाफाल्गुनी के तृतीय चरण से बढ़कर द्वितीय चरण में स्थापित होगा। वर्तमान में राहु कुंभ राशि और केतु सिंह राशि में संचरण कर रहे हैं और यहीं से नक्षत्र परिवर्तन करेंगे। राहु का अपने ही नक्षत्र शतभिषा में प्रवेश इसे और भी शक्तिशाली बनाता है। वहीं पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी शुक्र है, जिसे भौतिक सुख, विलासिता, ऐश्वर्य और आकर्षण का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में यह परिवर्तन कुछ राशियों के जीवन में महत्त्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
इन 3 राशियों का खुलेगा भाग्य
मिथुन राशि
राहु-केतु का यह गोचर मिथुन राशि वालों के लिए भाग्योदय कराने वाला साबित हो सकता है। विदेश में नौकरी, उच्च शिक्षा या करियर से जुड़े प्रयास अब सफल होते दिखाई देंगे। अविवाहित लोगों को मनचाहे साथी का साथ मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा और रुके हुए काम गति पकड़ेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और धन की बचत के नए अवसर मिलेंगे। कुल मिलाकर यह समय प्रगति और उपलब्धि से भरा रहेगा।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों को इस परिवर्तन का लाभ सीधे धन, सम्मान और संपत्ति के रूप में मिल सकता है। रुका हुआ पैसा वापस आ सकता है और अचानक लाभ की संभावना भी बढ़ जाएगी। घर, जमीन या वाहन से जुड़े मामलों में अनुकूलता रहेगी। व्यापार में नए संपर्क बनेंगे और नौकरी में किए गए प्रयासों का अच्छा फल मिलेगा। लंबे समय से जिस लक्ष्य के पीछे मेहनत कर रहे थे, वह अब पूरा होता नजर आएगा और सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी।
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों पर यह गोचर बेहद शुभ प्रभाव डाल सकता है। आपकी मेहनत का उचित फल मिलेगा और कई पुरानी इच्छाएँ पूर्ण होंगी। नौकरीपेशा लोगों के लिए प्रमोशन या नई जिम्मेदारियाँ मिलने का योग है। आर्थिक रूप से लाभ के अवसर बढ़ेंगे और सही समय पर किए गए निवेश अच्छा फल देंगे। परिवार के साथ समय बिताने और मानसिक शांति पाने के मौके मिलेंगे। आपकी छवि समाज और कार्यक्षेत्र—दोनों में मजबूत होगी।
देश-दुनिया पर भी असर
राहु-केतु के मायावी प्रभाव के कारण इस अवधि में राजनीति, मौसम, अंतरराष्ट्रीय संबंध, तकनीक और शेयर बाजार में अप्रत्याशित गतिविधियाँ देखी जा सकती हैं। राहु नवाचार और अचानक लाभ का कारक है जबकि केतु अध्यात्म और गहराई का प्रतीक है—इसलिए यह गोचर वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




