उत्तराखंड
Trending

खनन पर अधिकारियों के जवाब से हाईकोर्ट असंतुष्ट

सरकार से मांगा ठोस एक्शन प्लान, सोमवार तक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश

नैनीताल। हाईकोर्ट ने नदी तल पर हो रहे खनन मामले में राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए सोमवार तक ठोस कार्ययोजना पेश करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने शुक्रवार को जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया।

सुनवाई के दौरान सचिव सिंचाई, वन निगम की एमडी और पीसीसीएफ वर्चुअल माध्यम से अदालत में पेश हुए। कोर्ट ने रिवर बैंड पर हो रहे बेकाबू खनन पर सवाल उठाए, लेकिन अधिकारियों के जवाब असंतोषजनक पाए गए।

याचिकाकर्ताओं की ओर से तर्क दिया गया कि राज्य सरकार ने हरिद्वार, देहरादून, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिलों में नदी तल खनन को निजी हाथों में सौंप दिया है। इससे न केवल अवैध खनन को बढ़ावा मिला है बल्कि सरकार को राजस्व का नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। साथ ही, वन और सिंचाई महकमे के पास इस तरह की अनुमति देने की विशेषज्ञता भी नहीं है।

खंडपीठ का स्पष्ट मत रहा कि प्रदेश में खनन कार्य को नियंत्रित करने के लिए सरकार को एक विशेषज्ञ निकाय, जैसे खनन निगम का गठन करना चाहिए। वहीं, सरकार की ओर से मुख्य स्थायी अधिवक्ता ने दलील दी कि आपदा की स्थिति में गांवों की सुरक्षा और बचाव के लिए नदी तल पर खनन कराया जाता है।

अदालत ने सरकार को दो टूक निर्देश दिए कि सोमवार तक एक ठोस और व्यावहारिक एक्शन प्लान अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button