उत्तराखंड

सीएम धामी ने अधिकारियों को 24×7 अलर्ट पर रहने के दिए निर्देश

आपदा प्रभावितों के पुनर्वास और सड़क-पुलों की दुरुस्ती को लेकर उच्चस्तरीय बैठक

देहरादून। प्रदेश में लगातार हो रही भारी वर्षा और मौसम विभाग के रेड व ऑरेंज अलर्ट के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को सचिवालय में शासन एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अधिकारी फील्ड में रहकर राहत और बचाव कार्यों को युद्ध स्तर पर संचालित करें तथा आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर तेजी से काम करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि आपदा प्रभावितों की भावनाओं और संवेदनाओं से भी जुड़ी हुई है। उन्होंने दोनों मंडलायुक्तों को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावितों के बेहतर पुनर्वास के लिए शीघ्र कार्रवाई करें और मैदानी जिलों में पुनर्वास के विकल्पों पर भी काम किया जाए।

बैठक में सचिव गृह शैलेश बगौली, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव आनंद स्वरूप, एससीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ मो. ओबैदुल्लाह अंसारी, हेमंत बिष्ट और रोहित कुमार मौजूद रहे। वहीं प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव लोक निर्माण विभाग पंकज कुमार पांडेय, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार तथा मंडलायुक्त विनय शंकर पांडेय और दीपक रावत वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।

सीएम धामी ने ज्योतिर्मठ–मलारी नेशनल हाईवे में तमक नाले पर बहे पुल को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए बीआरओ को जल्द बैली ब्रिज तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि बीआरओ को राज्य स्तर से किसी भी प्रकार की मदद की आवश्यकता है तो वह तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही गंगोत्री हाईवे को यात्रा शुरू होने से पहले सुरक्षित और दुरुस्त करने तथा बरसात समाप्त होने के बाद सभी सड़कों पर पेचवर्क और नई सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी के हर्षिल और स्यानाचट्टी क्षेत्र में बनी झीलों की स्थिति पर भी गहन चर्चा की। उन्होंने जिलाधिकारी को झील का जलस्तर कम करने और अधिक जल निकासी की व्यवस्था करने, साथ ही प्रभावित क्षेत्र में बिजली-पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी में जमा मलबे को हटाना अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए सुरक्षित स्थानों पर मड डिस्पोजल साइट बनाई जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने नदियों के जलस्तर पर दिन-रात निगरानी रखने पर विशेष बल दिया और कहा कि खतरे की slightest आशंका होते ही लोगों को सतर्क किया जाए तथा उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जाए।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 1 सितम्बर को देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार जिलों में अत्यंत भारी वर्षा की संभावना है, जिसके लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं शेष जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा और गर्जन-चमक की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। 2 सितम्बर को देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर जनपदों में भारी वर्षा का पूर्वानुमान है।

 

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