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फर्जी फौजी बनकर लगाते थे चूना, एसटीएफ ने दबोचा ठग

ओएलएक्स पर किराये के मकान का लालच देकर करते थे अग्रिम वसूली, मोबाइल बरामद

देहरादून, 18 अगस्त: कम समय में ज्यादा लाभ का सपना दिखाने और खुद को फौजी बताकर  भरोसा जीतने वाले एक साइबर ठग को एसटीएफ ने दबोच लिया है। आरोपी बड़े ही चालाक तरीके से ओएलएक्स पर मकान किराये पर लेने के लिए विज्ञापन डालने के  इच्छुक लोगों से संपर्क करता था और फिर उनको विश्वास दिलाता कि मकान मालिक को एडवांस राशि पहले जमा करनी होगी। इस बहाने वह उनसे हजारों रुपये ऐंठ लेता और रकम मिलते ही मोबाइल बंद कर फरार हो जाता।

एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने बताया कि आरोपी ने 52 साल की महिला से 12.46 लाख रुपए ठग लिए थे। महिला के पति की मौत हो चुकी है और उसने अपना मकान किराए पर देने के लिए एक वेबसाइट पर विज्ञापन दिया था।  उसी के जरिए आरोपी ने महिला से संपर्क किया था।

एसटीएफ की टीम ने जांच के बाद आरोपी की पहचान शरीफ पुत्र महबूब, निवासी कल्याणपुर, थाना खोह, जिला भरतपुर (राजस्थान) के रूप में की। आरोपी से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है, जिसके जरिए वह ठगी के धंधे को अंजाम देता था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उत्तराखण्ड नवनीत सिंह ने बताया कि यह गिरोह केवल ओएलएक्स तक सीमित नहीं था, बल्कि नकली वेबसाइट, निवेश योजनाओं, टिकट बुकिंग और “धन दोगुना” जैसी स्कीमें दिखाकर भी लोगों को फंसाता था। ठग पहले छोटी रकम वापस करके भरोसा जीतते और जब शिकार उनके झांसे में पूरी तरह फंस जाता, तब उससे मोटी रकम ऐंठ लेते।

एसएसपी ने जनता से अपील की कि किसी भी अनजान कॉल, सोशल मीडिया मैसेज या ऑनलाइन ऑफर पर भरोसा न करें। उन्होंने कहा कि गूगल से सर्च किए गए कस्टमर केयर नंबर पर कभी कॉल न करें, बल्कि संबंधित कम्पनी की आधिकारिक वेबसाइट से ही संपर्क करें। किसी भी वित्तीय साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 नंबर पर कॉल कर सहायता ली जा सकती है।

इस कार्रवाई में निरीक्षक विकास भारद्वाज, उप निरीक्षक सुनील भट्ट, उप निरीक्षक मनोज बेनीवाल, कांस्टेबल हरेन्द्र भण्डारी और कांस्टेबल प्रशान्त चौहान शामिल रहे।

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