प्रेमनगर से गिरफ्तार हुआ 18 साल से फरार ठगी का आरोपी, 23 मुकदमों में थी तलाश

बीएड डिग्री दिलाने के नाम पर विद्यार्थियों से ठगी का आरोप, राजस्थान पुलिस ने टेक्नीशियन बनकर पकड़ा
देहरादून। राजस्थान में ठगी के 23 मामलों में वांछित आरोपी कल्याण सिंह को करीब 18 साल बाद देहरादून से गिरफ्तार किया गया है। बीएड की डिग्री दिलाने का झांसा देकर विद्यार्थियों से रकम वसूलने के आरोप में पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। इतने लंबे समय तक गिरफ्तारी से बचने वाला आरोपी देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र के राघव विहार में परिवार के साथ रह रहा था। राजस्थान पुलिस ने उसकी मौजूदगी का पता लगाने के बाद ऐसी रणनीति अपनाई कि उसे भागने का मौका नहीं मिला।
कोचिंग सेंटर के जरिए विद्यार्थियों को बनाया निशाना
पुलिस के अनुसार, कल्याण सिंह मूल रूप से राजस्थान के जालोर जिले का निवासी है। आरोप है कि उसने अपने साथी विकास सक्सेना के साथ सीकर में कोचिंग सेंटर चलाया था। इस दौरान विद्यार्थियों को बीएड की डिग्री दिलाने का भरोसा देकर कथित तौर पर प्रत्येक से 70 से 80 हजार रुपये लिए गए। मामले सामने आने के बाद दोनों के खिलाफ सीकर कोतवाली में 23 मुकदमे दर्ज हुए। विकास सक्सेना की गिरफ्तारी के बाद कल्याण सिंह फरार हो गया था।
देहरादून में परिवार के साथ रहने लगा
जांच के मुताबिक, फरारी के दौरान कल्याण सिंह ने देहरादून में ठिकाना बना लिया। वह प्रेमनगर के राघव विहार में परिवार के साथ रहने लगा। इस बीच उसने अलग-अलग शहरों के कोचिंग संस्थानों में शिक्षक के रूप में काम किया। बाद में वह ऑनलाइन कक्षाएं भी लेने लगा। राजस्थान पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी थी।
फाइबर टेक्नीशियन बनकर घर पहुंची पुलिस
आरोपी की लोकेशन का सुराग मिलने के बाद राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तारी की योजना बनाई। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिसकर्मी एयरटेल फाइबर टेक्नीशियन बनकर उसके घर पहुंचे और 10 अक्टूबर को उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद 11 अक्टूबर को आरोपी को राजस्थान ले जाया गया।
लंबे समय तक फरार रहने का मामला चर्चा में
राजस्थान में कई मुकदमों में वांछित आरोपी का देहरादून में वर्षों तक रहना पुलिस के बीच सूचना साझा करने और सत्यापन व्यवस्था की अहमियत को सामने लाता है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि आरोपी के संबंध में स्थानीय पुलिस को पहले से जानकारी थी या उसके सत्यापन में कोई चूक हुई थी।


