रॉकेट्री के हुनर से गूंजा हल्द्वानी, देशभर के 65 संस्थानों के विद्यार्थियों ने दिखाया दम

35 किमी ऊंचाई तक पहुंचा हाई-एल्टीट्यूड बैलून मिशन, रॉकेट डिजाइन और एयरोस्पेस तकनीक में छात्रों ने दिखाया कौशल
हल्द्वानी। ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस और एस्ट्रोवर्स एक्सपीरियंस प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से इंदिरा गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में दो दिवसीय ‘आकाशयान स्पर्धा–नेशनल रॉकेट्री चैलेंज’ का आयोजन किया गया। इसमें देशभर के 30 विश्वविद्यालयों और 35 स्कूलों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
पहले दिन स्कूल स्तर की प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने हाइड्रो रॉकेट्री, पैराशूट एवं एयर रॉकेट्री, स्पेस आर्ट और स्पेस एक्सटेम्पोर में प्रतिभाग किया। वहीं दूसरे दिन विश्वविद्यालय स्तर पर सॉलिड-फ्यूल, मल्टीस्टेज और उन्नत रॉकेट-इंजन आधारित प्रतियोगिताएं हुईं। विद्यार्थियों ने रॉकेट डिजाइन, प्रोपल्शन, एयरोडायनामिक्स और फ्लाइट ऑपरेशन से जुड़ी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया।
आयोजन का प्रमुख आकर्षण हाई-एल्टीट्यूड बैलून (HAB) मिशन रहा, जिसे उत्तराखंड में अपनी तरह का पहला मिशन बताया गया। वैज्ञानिक पेलोड को करीब 35 किलोमीटर की ऊंचाई तक ले जाने के लिए तैयार इस मिशन में तापमान, वायुदाब, वायु घनत्व और विकिरण समेत विभिन्न वायुमंडलीय आंकड़े जुटाने के लिए सेंसर लगाए गए थे। मिशन में ग्लाइडर आधारित रिकवरी सिस्टम भी विकसित किया गया।
HAB मिशन में ग्राफिक एरा (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), देहरादून के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग और ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल के विद्यार्थियों ने तकनीकी योगदान दिया। कार्यक्रम में हल्द्वानी के मेयर गजराज बिष्ट, उत्तराखंड पर्यटन विभाग की अपर निदेशक पूनम चंद, एरीज नैनीताल के रजिस्ट्रार डॉ. मोहित कुमार जोशी, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. भुवन भट्ट और प्रो. डॉ. सुधीर जोशी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
आयोजन के जरिए स्कूलों, विश्वविद्यालयों और उभरते एयरोस्पेस नवाचारकर्ताओं को एक मंच मिला। इससे हल्द्वानी में अंतरिक्ष विज्ञान और एयरोस्पेस नवाचार की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिला।




