सड़क हादसे में तमाशबीन नहीं, राहवीर बनें विद्यार्थी : अनिल सिंह नेगी

सड़क सुरक्षा को सामाजिक और मानवीय जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं : डॉ. अनिल कुमार दीक्षित
देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी में दीक्षारंभ कार्यक्रम के अंतर्गत विधि विभाग के विद्यार्थियों के लिए सड़क सुरक्षा एवं राहवीर (Good Samaritan) जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को यातायात नियमों के पालन, सुरक्षित वाहन संचालन तथा सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्ति की मदद के लिए आगे आने के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, प्रवर्तन विकासनगर, अनिल सिंह नेगी ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य प्रयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन और यातायात संकेतों के अनुरूप वाहन चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग करना अथवा शराब एवं अन्य नशीले पदार्थों के प्रभाव में वाहन चलाना स्वयं के साथ-साथ दूसरे सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को ड्राइविंग लाइसेंस (DL) की अनिवार्यता और इसे बनवाने की प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वाहन चालक का दायित्व केवल यातायात नियमों का पालन करना ही नहीं, बल्कि सड़क पर चलने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा को ध्यान में रखना भी है।
दुर्घटना पीड़ित की मदद के लिए आगे आएं
कार्यक्रम के दौरान राहवीर (Good Samaritan) की अवधारणा पर भी विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद के लिए आगे आने वाले व्यक्ति को राहवीर कहा जाता है। दुर्घटना के बाद घायल को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना उसकी जान बचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
विद्यार्थियों को बताया गया कि दुर्घटना पीड़ित की मदद करने वाले राहवीर को निर्धारित प्रावधानों के तहत अनावश्यक कानूनी परेशानियों से संरक्षण प्राप्त होता है। साथ ही, ऐसे लोगों को सरकार की ओर से प्रोत्साहित एवं पुरस्कृत किए जाने का भी प्रावधान है।
एआरटीओ अनिल सिंह नेगी ने विद्यार्थियों से अपील की कि दुर्घटना की स्थिति में तमाशबीन बनने के बजाय सुरक्षित तरीके से घायल व्यक्ति की सहायता के लिए आगे आएं और आवश्यकता पड़ने पर 112 अथवा एंबुलेंस सेवा को तत्काल सूचना दें। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक और मानवीय जिम्मेदारी के रूप में अपनाने की आवश्यकता है।
विद्यार्थियों ने लिया सड़क सुरक्षा का संकल्प
विधि विभाग के डीन डॉ. अनिल कुमार दीक्षित ने विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने, स्वयं सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने तथा अपने परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि कानून की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है, क्योंकि वे समाज में कानून एवं नागरिक दायित्वों के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अनिल कुमार दीक्षित ने अतिथि वक्ता एआरटीओ प्रवर्तन विकासनगर अनिल सिंह नेगी को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन सुश्री आकांक्षा भट्ट ने किया, जबकि डॉ. वैशाली शर्मा ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर हिमांशु जखमोला, डॉ. गौरव त्यागी, शिवांगी पाठक, स्माइल गोयल, प्रियंका, लाइब्रेरियन मीनाक्षी राजपूत सहित विधि विभाग के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
“सड़क सुरक्षा—हमारी जिम्मेदारी, सुरक्षित सफर—सबकी जिम्मेदारी।”




