Breaking Newsउत्तराखंड
Trending

पीपलकोटी टनल हादसे में सात मजदूरों की मौत, 13 घायल, दो की तलाश जारी

इतनी तेजी से आया मलबा और पानी, कुछ सोचने समझने का मौका ही नहीं मिला 

चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र के मयापुर में गुरुवार शाम निर्माणाधीन टीएचडीसी टनल में अचानक पानी और भारी मात्रा में मलबा घुसने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे के वक्त टनल में 22 मजदूर काम कर रहे थे, जो मलबे और पानी के कारण अंदर फंस गए। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान अब तक 20 मजदूरों को बाहर निकाला जा चुका है। इनमें सात मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 13 मजदूर घायल हैं। घायलों को जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती कराया गया है। वहीं, दो मजदूर अब भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है।

हादसा टीएचडीसी की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में हुआ। जानकारी के मुताबिक गुरुवार शाम करीब सात बजे टनल के भीतर अचानक पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा पहुंच गया। देखते ही देखते टनल का एक हिस्सा मलबे और पानी से भर गया और वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए।

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंचे। इसके बाद तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। बचाव टीमों ने मुश्किल परिस्थितियों के बीच टनल में पहुंचकर मलबा हटाया और मजदूरों को बाहर निकालने का अभियान चलाया। अब तक 20 मजदूरों को बाहर निकाला गया है, जिनमें सात की मौत हो चुकी है और 13 घायल हैं।

मृतकों में उत्तराखंड के दो मजदूर

हादसे में जान गंवाने वाले सात मजदूरों की पहचान सामने आई है। मृतकों में टिहरी जिले के गेंवाल के रहने वाले प्रदीप सिंह पवार, चमोली के मुकेश, बिहार के दुर्लभ शर्मा, झारखंड के विजय और जितेंद्र कुमार, लोकेश्वर और भुनेश्वर का नाम शामिल है। लोकेश्वर और भुनेश्वर के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

दो मजदूरों की तलाश जारी

रेस्क्यू अभियान के दौरान 20 लोगों को बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन दो मजदूरों के अब भी टनल के भीतर फंसे होने की आशंका है। पानी और मलबे के कारण बचाव कार्य में चुनौती बनी हुई है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, प्रशासन और अन्य टीमें लगातार मलबा हटाकर दोनों लापता मजदूरों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।

हादसे में 14 लोग घायल हुए हैं. जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में छत्तीसगढ़ के कोंडागांव निवासी सुनील दीवान, झारखंड के हाबिल गुड़िया, निस्तार भिंगरा, विनोद सावना, दीना बैगरा, खेला राम बिसरा, पंजाब के छब्बा सिंह, हिमाचल के तिलक राज, बिहार के चन्दन कुमार, अवधेश, नन्दलाल, रोहित पाण्डे, छत्तीसगढ़ के पेन सिंह और गोविंद का नाम शामिल है।

इसमें से गोविंद को डिस्चार्ज कर दिया गया है जबकि रोहित पांडे को श्रीनगर रेफर किया गया है। बाकी सभी घायलों का गोपेश्वर जिला अस्पताल इलाज चल रहा है। यह सभी मजदूर टनल के निर्माण कार्य को अंजाम दे रहे थे। इसी दौरान पानी घुसने से यह हादसा हो गया।

मुख्यमंत्री धामी ले रहे पल पल की जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वह वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में हैं और राहत एवं बचाव अभियान की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि टनल में फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जाए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार की इस समय सबसे बड़ी और सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में फंसे हर एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है। उन्होंने रेस्क्यू अभियान में जुटी सभी एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ पूरी तत्परता से काम करने के निर्देश दिए हैं।

फिलहाल टनल में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। प्रशासन और बचाव दलों का पूरा ध्यान दोनों लापता मजदूरों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने पर है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button