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उत्तराखंड में पहली बार : गुंजन हत्याकांड में 4 दिन में चार्जशीट, फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा केस

देहरादून:  गुंजन हत्याकांड में देहरादून पुलिस ने जिस तेजी से कार्रवाई की है, उसने उत्तराखंड की पुलिसिंग में इतिहास रच दिया है। दिनदहाड़े हुई जघन्य हत्या के महज चार दिन के भीतर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। यह राज्य में पहली बार हुआ है, जब हत्या जैसे संगीन अपराध में इतनी कम अवधि में विवेचना पूरी कर अदालत में चार्जशीट पेश की गई हो। पुलिस ने इस केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की सिफारिश भी की है।

दिनदहाड़े कत्ल, 24 घंटे में आरोपी सलाखों के पीछे

2 फरवरी को देहरादून के मच्छी बाजार इलाके में गुंजन की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। वारदात के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी आकाश को दबोच लिया। अगले ही दिन 3 फरवरी को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

एसआईटी उतरी मैदान में, तीन दिन तक चला एक्शन मोड

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अजय सिंह ने एसपी सिटी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया। टीम में सीओ सिटी, कोतवाली नगर प्रभारी, एसओजी और फील्ड यूनिट को शामिल किया गया।

एसआईटी ने दिन-रात काम करते हुए सर्विलांस, तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीद गवाहों के बयान जुटाए।

पहले से रची जा रही थी साजिश, पत्नी ने किया था अलर्ट

जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी आकाश दो दिनों से धारदार हथियार लेकर घूम रहा था। 31 जनवरी को उसकी पत्नी ने खुद मृतका के परिजनों को फोन कर खतरे की जानकारी दी थी। मृतका के भाई अंश के अनुसार, आरोपी शादी के लिए दबाव बना रहा था और इंकार करने पर फिल्मी अंदाज़ में जान से मारने की धमकी दे चुका था।

फॉरेंसिक से ई-सबूत तक, एक-एक कड़ी जोड़ी

पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, फॉरेंसिक टीम से वैज्ञानिक तरीके से सबूत जुटाए और आरोपी की स्कूटी को कब्जे में लेकर उसके आने-जाने का पूरा रूट चार्ट तैयार किया।

घटना में इस्तेमाल किया गया चापड़, खून से सने कपड़े, जूते, हेलमेट और मृतका के कपड़े विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे गए।

पोस्टमार्टम विशेषज्ञों के पैनल से, 35 गवाह चार्जशीट में

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मृतका का पोस्टमार्टम विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल से कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चश्मदीदों के बयान, फॉरेंसिक और डिजिटल साक्ष्यों को विवेचना में शामिल किया गया।

महज तीन दिनों में जांच पूरी कर 35 गवाहों को शामिल करते हुए चार्जशीट तैयार की गई।

रेयरेस्ट ऑफ रेयर, कठोरतम सजा की तैयारी

एसएसपी अजय सिंह के अनुसार, यह मामला ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी का है। पुलिस की ओर से कोर्ट में मजबूत पैरवी की जाएगी और फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से आरोपी को कठोरतम सजा दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।

 

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