पत्नी-बच्चे मदद मांगते रहे, कमरे में खत्म हो गई जिंदगी
नैनीताल के होटल में सुखवंत सिंह ने की आत्महत्या

बीवी-बच्चे रिसेप्शन पर पहुंचे, तभी खुद पर चलाई गोली
हल्द्वानी। नैनीताल घूमने आए काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह ने गौलापार स्थित एक होटल में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। यह सनसनीखेज घटना शनिवार देर रात करीब ढाई बजे की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, सुखवंत लंबे समय से पैसों के विवाद और कानूनी मामलों को लेकर तनाव में था।
परिवार संग होटल में ठहरा था सुखवंत
काशीपुर के पैगा निवासी सुखवंत सिंह अपनी पत्नी और 12 वर्षीय बच्चे के साथ नैनीताल आया था। रास्ते में उसने गौलापार स्थित देवभूमि होटल में कमरा लिया। रात के समय वह अचानक मानसिक रूप से असंतुलित हो गया और आत्मघाती कदम उठाने लगा।
पत्नी-बच्चे के सामने पहले की आत्महत्या की कोशिश
जानकारी के अनुसार, सुखवंत ने पहले पत्नी और बच्चे के सामने ही खुद को गोली मारने का प्रयास किया। दोनों ने उसे रोकने की भरसक कोशिश की। इस दौरान हथियार छीनने की कोशिश में पत्नी और बच्चे को हल्की खरोंचें भी आई हैं।
रिसेप्शन जाते ही मारी खुद को गोली
काफी समझाने के बाद पत्नी और बच्चा मदद के लिए होटल के रिसेप्शन पर चले गए। इसी बीच कमरे में अकेले रह गए सुखवंत सिंह ने अपने सिर में गोली मार ली। गोली दाहिनी ओर से चली और बाईं ओर से निकल गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
फ्रॉड के कई मुकदमे थे दर्ज
पुलिस के मुताबिक, सुखवंत सिंह काशीपुर का हिस्ट्रीशीटर था और उस पर धोखाधड़ी के करीब पांच मुकदमे दर्ज थे। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का कारण आर्थिक तनाव और कानूनी दबाव माना जा रहा है। सीओ अमित कुमार सैनी ने बताया कि गौलापार क्षेत्र में देर रात 2:30 बजे सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।
आत्महत्या से पहले फेसबुक लाइव आकर ऊधम सिंह नगर पुलिस और एसएसपी पर लगाए गंभीर आरोप
काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह ने आत्महत्या से पहले फेसबुक लाइव आकर ऊधम सिंह नगर पुलिस और एसएसपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुखवंत सिंह ने वीडियो में कहा कि पुलिस उस पर झूठे मामलों में दबाव बना रही थी और पैसे लेकर उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। कुछ देर बाद उसने काठगोदाम के एक होटल में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
फेसबुक लाइव वीडियो में सुखवंत सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस लगातार उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही थी और एक प्रॉपर्टी डीलर से जुड़े विवाद में पुलिस उसकी सुनवाई नहीं कर रही थी। उसने दावा किया कि चार करोड़ रुपए के फर्जीवाड़े में उसे फंसाया गया और उससे जबरन समझौते का दबाव बनाया जा रहा था।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि काशीपुर में एक प्रॉपर्टी डीलर द्वारा चार करोड़ रुपए का फर्जीवाड़ा किया गया था। इस मामले में पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय सुखवंत सिंह पर ही दबाव बना रही थी, जिससे वह लंबे समय से मानसिक तनाव में था।
पिता बोले- पुलिस ने नहीं सुनी फरियाद
मृतक के पिता अजय सिंह ने बताया कि मेरे बेटे के साथ जमीन के सौदे में करीब 4 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी हुई है। डील के नाम पर हमें एक 50 लाख रुपए का प्लॉट दिया गया, जो बाद में फर्जी निकला। इसके अलावा करीब 3 करोड़ 80 लाख रुपए अलग-अलग तरीकों से ले लिए गए। हमें बताया गया था कि जमीन करीब 7 से 7.5 एकड़ है, जो जगतोली प्रॉपर्टी और बक्सरा के बीच स्थित है। जमीन दिखाने के बाद भी न तो सही रजिस्ट्री कराई गई और न ही हमारा पैसा वापस किया गया। इस मामले में हम लगातार न्याय की गुहार लगाते रहे। थाना आईटीआई, चौकी और अन्य जगहों पर गए, लेकिन कहीं हमारी बात नहीं सुनी गई। हमें कहा गया कि पैसे दिए जा चुके हैं और पुलिस कुछ नहीं कर सकती। हमने यह मामला एसएसपी तक पहुंचाया और बताया कि इसमें करीब 30 लाख रुपए तक की रिश्वत दिए जाने की बातें कही जा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हमें यह साफ तौर पर पुलिस की लापरवाही लगती है। हमने चेयरमैन और महापौर तक से मुलाकात की। उन्हें भी पूरे मामले की जानकारी दी गई, लेकिन अब तक हमें न तो न्याय मिला और न ही हमारा पैसा वापस हुआ। हमारी मांग है कि जिन लोगों ने इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया, उन्हें कड़ी सजा मिले। हमारा पूरा पैसा (करीब 3 करोड़ 80 लाख रुपए) वापस दिलाया जाए।
अफसोस की बात यह है कि इतने बड़े फ्रॉड के बावजूद शुरू में कोई ठोस मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। अगर समय पर कार्रवाई होती, तो हालात यहां तक नहीं पहुंचते।




