
मीरा राठौर ने पूरी की चोटी वाली प्रतिज्ञा
मथुरा कोर्ट में वृंदावन के कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज के खिलाफ दायर परिवाद को आधिकारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया है। अदालत ने अब उन्हें नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए बाध्य कर दिया है। मामले की अगली सुनवाई 1 जनवरी 2026 को होगी।
वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य आज किसी पहचान के मोहताज नहीं है। उनका अक्सर कोई न कोई वीडियो वायरल होता रहता है। कभी तो ये हंसाने वाला होता है तो कभी-कभी विवाद भी पैदा कर देता है। कुछ महीनों पहले भी कथावाचक महिलाओं पर विवादित बयान देकर काफी चर्चाओं में रहे थे। अब वही बयान उनके गले की फांस बनती जा रही है।
अदालत ने उन पर शिकंजा कस दिया है। मथुरा में सीजेएम कोर्ट ने अब उनपर वाद दर्ज कर मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है। इस मामले में अगली सुनवाई 1 जनवरी को सीजेएम न्यायालय में होगी।महिलाओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में खड़ी अखिल भारत हिंदू महासभा की आगरा जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने इस फैसले को महिलाओं के सम्मान की बड़ी जीत बताया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रतिज्ञा के तहत वह चोटी खुली रखे हुई थीं, वह अब पूरी होने जा रही है।
अनिरुद्धाचार्य ने क्या कहा था?
दरअसल, अक्टूबर के महीने में अनिरुद्धाचार्य ने कथा के दौरान देश की बेटियों पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि आजकल बेटियों की शादियां 25 की उम्र में होती हैं। पहले जल्दी शादियां होती थीं तो ठीक था। अब देर से होती हैं, तब तक लड़कियां कई लड़कों के साथ दोस्ती कर चुकी होती हैं। उन्होंने विवादित बयान देते हुए यह कहा था- ‘इस उम्र तक लड़कियां कई जगह मुंह मार चुकी होती हैं।’
चोटी खुली थी प्रतिरोध का प्रतीक
अनिरुद्धाचार्य का एक विवादित वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने बेटियों को लेकर अनुचित टिप्पणी की थी। इसी के विरोध में मीरा राठौर ने घोषणा की थी कि जब तक कथावाचक के खिलाफ कोर्ट में कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह अपनी चोटी नहीं बांधेंगी।
उन्होंने इस प्रतिज्ञा को चाणक्य की उस ऐतिहासिक प्रतिज्ञा से जोड़ा था, जब उन्हें धनानंद द्वारा अपमानित किए जाने के बाद उन्होंने सिर नहीं बांधा था।
कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ने के बाद मीरा राठौर ने कहा
> “आज महिलाओं की जीत हुई है। मेरी प्रतिज्ञा पूरी हो रही है। अब मेरी चोटी बंधेगी।”
उन्होंने दावा किया कि अनिरुद्धाचार्य ने पूरे महिला समाज का अपमान किया था और अब उन्हें अदालत में अपने बयान का औचित्य साबित करना होगा।
अगली सुनवाई 1 जनवरी 2026 को
यह मामला अब सोशल मीडिया विवाद से आगे बढ़कर एक गंभीर न्यायिक प्रक्रिया का रूप ले चुका है। अनिरुद्धाचार्य को आगामी सुनवाई में कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखना होगा।




