
देहरादून में मॉक ड्रिल: भूकंप, आग, गैस लीकेज और लैंडस्लाइड पर बड़े पैमाने पर रेस्क्यू अभ्यास
देहरादून जनपद में शनिवार को व्यापक मॉक ड्रिल के दौरान तहसील सदर क्षेत्र के कोरोनेशन अस्पताल, महाराणा प्रताप स्टेडियम, आईएसबीटी, आराघर विद्युत उपकेंद्र, जल संस्थान दिलाराम चौक और पैसिफिक मॉल सहित कुल छह स्थानों पर नुकसान की सूचना पर पुलिस लाइन रेसकोर्स और स्पोर्ट्स स्टेडियम से रेस्क्यू टीमें रवाना की गईं। इसी बीच कालसी के पाटा गांव व कस्तूरबा गांधी विद्यालय, विकासनगर के सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र और ऋषिकेश टीएचडीसी के पास भी अलग-अलग घटनाओं का सिमुलेशन कर बचाव अभ्यास किया गया।
ड्रिल में कोरोनेशन अस्पताल के क्षतिग्रस्त इमरजेंसी वार्ड से 20 में से 17 घायलों को निकालते हुए तीन को मृत दिखाया गया। कस्तूरबा गांधी विद्यालय में आवासीय भवन के मलबे में फंसी सभी 18 बच्चियों को सुरक्षित निकाला गया। स्पोर्ट्स ग्राउंड में हाई-टेंशन लाइन की चपेट में आए तीन लोगों की मृत्यु और पांच को घायल दिखाया गया। एमडीडीए कॉलोनी में 100 लोगों के दबने की सूचना पर 60 घायलों को इन्द्रेश अस्पताल भेजा गया, जबकि 40 को प्राथमिक उपचार दिया गया। आराघर विद्युत गृह में आग से चार घायलों को रेस्क्यू किया गया। पैसिफिक मॉल में भूकंप के बाद भगदड़ की स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकाला गया, दो घायल दिखाए गए। पाटा गांव में भूस्खलन की स्थिति में 17 लोगों को प्राथमिक विद्यालय में शिफ्ट किया गया। सेलाकुई में क्लोरीन गैस लीकेज के सिमुलेशन में 100 से अधिक मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि ऋषिकेश टीएचडीसी क्षेत्र में फंसे लोगों को एम्स में भर्ती कराया गया।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने ड्रिल को सफल बताते हुए कहा कि पूर्वाभ्यास से समन्वय मजबूत होता है और खामियों को दूर कर वास्तविक आपदा के समय राहत-बचाव कार्यों को प्रभावी बनाया जा सकता है। कंट्रोल रूम में एसपी जया बलूनी, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, सीएमओ डॉ. एम.के. शर्मा, डीडीओ सुनील कुमार, सीईओ वी.के. ढौडियाल, डीएसओ के.के. अग्रवाल सहित आईआरएस संरचना से जुड़े सभी नोडल अधिकारी मौजूद रहे।



