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रेरा ने लगाई इंपीरियल वैली प्रोजेक्ट की बिक्री पर रोक

निवेशक की शिकायत के बाद रेरा की सख्ती, खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए आदेश जारी

देहरादून के लापता बिल्डर शाश्वत गर्ग पर एक्शन 

देहरादून के चर्चित बिल्डर शाश्वत गर्ग के परिवार सहित 20 दिनों से लापता रहने के बीच, रेरा ने उनके इंपीरियल वैली (प्लॉटेड डेवलपमेंट) प्रोजेक्ट की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। रेरा के प्रभारी अध्यक्ष अमिताभ मैत्रा ने यह निर्णय उस समय लिया जब एक निवेशक ने परियोजना में अपने धन के फंसने की आशंका जताई।

जानकारी के अनुसार, थानो क्षेत्र में चल रही ‘इंपीरियल वैली’ परियोजना ‘असगर टेक्सटाइल’ नाम की फर्म के तहत चलाई जा रही है, जिसमें शाश्वत गर्ग की पत्नी साक्षी गर्ग और विकास ठाकुर पार्टनर हैं। इस परियोजना का रेरा रजिस्ट्रेशन अप्रैल 2025 में कराया गया था। बताया गया कि शाश्वत ने परियोजना की पावर ऑफ अटॉर्नी विकास ठाकुर के नाम की हुई है।

इसी को आधार बनाते हुए कमल गर्ग नामक निवेशक, जिसने इस परियोजना में 40 लाख रुपये लगाए हैं, ने रेरा में शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना था कि बिल्डर के लापता होने के बाद, पावर ऑफ अटॉर्नीधारी के पास प्लॉट बेचने की कानूनी क्षमता बनी हुई है, जिससे खरीदारों के साथ धोखाधड़ी की संभावना हो सकती है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए रेरा ने प्रोजेक्ट पर रोक लगा दी।

रेरा ने संबंधित सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों से परियोजना से जुड़े सभी बिक्री रिकॉर्ड भी मांगे हैं ताकि स्थिति स्पष्ट की जा सके। साथ ही रेरा ने अपील की है कि जिन व्यक्तियों के हित इस प्रोजेक्ट से जुड़े हैं, वे अपने दस्तावेजों और तथ्यों के साथ रेरा के समक्ष प्रस्तुत हों।

गौरतलब है कि बिल्डर शाश्वत गर्ग, उनकी पत्नी साक्षी, माता-पिता प्रवीन और अंजली गर्ग, तथा बेटा रिद्वान गर्ग 17 अक्टूबर से लापता हैं। शाश्वत की पत्नी के भाई सुलभ गोयल ने हापुड़ कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि परिवार 16 अक्टूबर की रात उनके घर विवेक विहार (राधापुरी, हापुड़) आया था और अगले दिन देहरादून लौटने की बात कहकर रवाना हुआ, लेकिन उसके बाद से किसी का कोई पता नहीं चला।

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