काठगोदाम में मध्यप्रदेश के दो सगे भाई बेहोश मिले, एक की मौत
सदमे और विवाद ने ली जान, परिजनों से दूरी और मानसिक तनाव बना वजह

समाजसेवी की मदद से हल्द्वानी में ही किया गया अंतिम संस्कार
हल्द्वानी। काठगोदाम क्षेत्र में रीवा (मध्यप्रदेश) के दो सगे भाई संदिग्ध हालात में बेहोश मिले, जिनमें से एक की मौत हो गई जबकि दूसरा अब भी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। पुलिस को मौके से सल्फास की गोलियों का रेपर बरामद हुआ। घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।
घटना बुधवार दोपहर की है, जब भदयूनी मार्ग के जंगल में शीतलाघाट फिल्टर प्लांट के पास दो युवक बेसुध पड़े मिले। सूचना पर काठगोदाम पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान बड़ा भाई शिवेश मिश्रा (21) की मौत हो गई, जबकि छोटा भाई बृजेश मिश्रा (20) की हालत अभी गंभीर बनी हुई है।
पारिवारिक विवाद और तनाव बना कारण
मध्यप्रदेश रीवा निवासी दोनों भाइयों के माता-पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। परिजनों के अनुसार, इसके बाद परिवार में लगातार विवाद और उपेक्षा की स्थिति बनी रही। शनिवार को हल्द्वानी पहुंचे बड़े मामा अंबिका पांडे ने बताया कि गेहूं की कटाई के बाद जब दोनों भाइयों ने अपनी मर्जी से अनाज बेच दिया तो बुआ ने उन्हें फोन पर डांटा था। डांट के बाद दोनों डर गए और घर छोड़कर काम की तलाश में निकल पड़े।
वे पहले पुणे जाने वाले थे लेकिन जबलपुर पहुंचे और फिर वहां से उत्तराखंड आने की योजना बनाई। काठगोदाम पहुंचने के बाद संभवतः काम न मिलने और मानसिक तनाव के चलते दोनों ने सल्फास खा लिया।
हल्द्वानी में ही किया गया अंतिम संस्कार
मामा अंबिका पांडे ने बताया कि अब परिवार में कोई ऐसा नहीं बचा जो दोनों भाइयों की जिम्मेदारी उठा सके। शव को मध्यप्रदेश ले जाने में भारी खर्चा और दूरी को देखते हुए शिवेश का अंतिम संस्कार हल्द्वानी के राजपुरा घाट पर ही किया गया, जबकि अस्थियां प्रयागराज में विसर्जित की जाएंगी।
समाजसेवी ने की मदद
हल्द्वानी में समाजसेवी हेमंत गौनिया ने मामा की मदद की। उन्होंने एंबुलेंस, घाट तक ले जाने और अंतिम संस्कार में आने वाले खर्च का पूरा प्रबंध किया। हेमंत अब तक 15 महीनों में 220 लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करा चुके हैं।
भाई को बताई गई झूठी तसल्ली
अस्पताल में भर्ती बृजेश बार-बार बड़े भाई के बारे में पूछता है। मामा ने बताया कि उसे सच्चाई बताए बिना कहा गया है कि शिवेश को दिल्ली अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया है। डॉक्टरों के मुताबिक बृजेश की हालत अब कुछ स्थिर है और अगले दो-तीन दिन में डिस्चार्ज किया जा सकता है।
एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि दोनों भाइयों के मोबाइल पूरी तरह फॉर्मेट मिले हैं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड से पता चला कि दोनों ने 23 अक्तूबर से किसी से संपर्क नहीं किया था। मौके से बरामद सल्फास के रेपर को जांच के लिए भेजा गया है। बृजेश के बयान के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों भाइयों ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया।




