
दोषी छात्रों पर ₹5,000-₹5,000 का जुर्माना
देहरादून। दून मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में देर रात हुई पार्टी का मामला अब अनुशासनात्मक कार्रवाई में बदल गया है। अर्द्धनग्न होकर तेज़ संगीत पर डांस करने और पुलिस से बहस करने की घटना ने संस्थान की प्रतिष्ठा को धक्का पहुंचाया। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होने के बाद कॉलेज प्रशासन ने जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की है।
मुख्य आरोपी पीजी डॉक्टर निष्कासित, ₹10,000 का जुर्माना
कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने बताया कि जिस पीजी डॉक्टर के कमरे में यह पार्टी आयोजित की गई थी, उसे हॉस्टल से निष्कासित कर ₹10,000 का जुर्माना लगाया गया है। वार्डन को निर्देश दिए गए हैं कि अन्य दोषी छात्रों की पहचान कर प्रत्येक पर ₹5,000 का जुर्माना लगाया जाए।
सुरक्षा में चूक पर गार्ड कमांडर और कर्मी हटाए गए
घटना के दौरान अनुशासन बनाए रखने में विफल रहने पर गार्ड कमांडर को तत्काल पद से हटा दिया गया है।
इसके साथ ही सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने और वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के बिना पुलिस को परिसर में लाने के कारण संबंधित सुरक्षा गार्डों को भी ड्यूटी से हटा दिया गया है।
न्यूरो सर्जन से बदसलूकी करने वाले पर कार्रवाई
प्रकरण में उस व्यक्ति की भी पहचान की गई है, जिसने विवाद के दौरान एक न्यूरो सर्जन का कॉलर पकड़कर धमकाने की कोशिश की थी। उसके खिलाफ प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर हुई कार्रवाई
इस पूरे मामले की जांच के लिए सोमवार को एक समिति गठित की गई थी, जिसकी अध्यक्षता डीएमएस डॉ. एन.एस. बिष्ट ने की। समिति में वार्डन डॉ. सुशील ओझा, डॉ. अभय कुमार, डॉ. डी.पी. तिवारी और डॉ. विजय भंडारी सदस्य रहे। समिति ने अपनी रिपोर्ट में अनुशासनहीनता को गंभीर अपराध मानते हुए कठोर कार्रवाई की सिफारिश की थी, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया।
अनुशासन और निगरानी व्यवस्था होगी और सख्त
प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने बताया कि हॉस्टल परिसर में अनुशासन और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी प्रणाली को मजबूत करने, गश्त बढ़ाने और वार्डन की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए हैं।
सोशल मीडिया पर चर्चा, छात्रों ने की निंदा
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद छात्रों और आम नागरिकों में भी इस पर चर्चा रही। कई छात्रों ने इसे कॉलेज की गरिमा के विपरीत बताया और अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। कॉलेज प्रशासन ने दोहराया कि संस्थान की प्रतिष्ठा बनाए रखना सभी छात्रों की साझा जिम्मेदारी है।




