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चांदी दो लाख पार : बन रही नया सोना

वैश्विक मांग में उछाल और सप्लाई की कमी से बढ़ी कीमतें

त्योहारी सीजन से पहले चांदी के दामों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। बुधवार को चांदी का भाव पहली बार दो लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गया, जिससे बाजार में हड़कंप मच गया है।

इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, महज एक सप्ताह में चांदी के दामों में करीब 38 हजार रुपये की तेजी दर्ज की गई है। पिछले सप्ताह यह कीमत 1.62 लाख रुपये प्रति किलो थी।

झावेरी बाजार में नई बुकिंग बंद, खरीदारों को नहीं मिल रहा स्टॉक

मुंबई के प्रसिद्ध झावेरी बाजार में कारोबारियों ने त्योहारी सीजन के लिए चांदी की नई बुकिंग पर रोक लगा दी है। दुकानदारों का कहना है कि “मांग जितनी अधिक है, उतनी आपूर्ति संभव नहीं,” जिसके चलते स्टॉक की भारी किल्लत हो गई है।

एक दुकानदार ने बताया, “अभी चांदी 30 हजार रुपये प्रति किलो के प्रीमियम पर चल रही है। हमें सीमित मात्रा में ही बेचना पड़ रहा है ताकि स्टॉक खत्म न हो जाए।”

दुनियाभर में बढ़ी डिमांड, तीन दिन में खत्म हुआ हफ्ते भर का स्टॉक

विशेषज्ञों का कहना है कि यह उछाल केवल भारत तक सीमित नहीं है। चीन, ऑस्ट्रेलिया और तुर्की जैसे देशों में भी चांदी की डिमांड रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है।एक व्यापारी ने बताया कि “त्योहारी बिक्री के लिए जो स्टॉक सात से दस दिनों के लिए रखा गया था, वह महज तीन दिनों में खत्म हो गया।”

वैश्विक स्तर पर डिलीवरी में देरी और औद्योगिक मांग में बढ़ोतरी ने कीमतों पर और दबाव बढ़ाया है।

“Silver is the New Gold” – कारोबारियों की राय

झावेरी बाजार वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हितेश सुभाष जैन ने कहा, “चांदी अब नए सोने के रूप में उभर रही है। मंगलवार शाम तक चांदी पर 30 हजार रुपये का प्रीमियम चल रहा था और धनतेरस के ऑर्डर बंद कर दिए गए हैं।”

उनका मानना है कि सप्लाई की कमी के बावजूद 2030 तक चांदी रखने वालों को जबरदस्त रिटर्न मिल सकता है।

भविष्य को लेकर उम्मीदें और आशंकाएं

प्रमुख थोक व्यापारी अनिल आर जैन ने कहा कि “दीवाली तक भौतिक चांदी की कमी बनी रहेगी। सोने की आपूर्ति सामान्य है, लेकिन चांदी की उपलब्धता बेहद सीमित है। नवंबर में थोड़ी राहत मिल सकती है, पर लंबी अवधि में तेजी जारी रहेगी।”

निवेशकों के लिए संकेत

विश्लेषकों का मानना है कि औद्योगिक उपयोग, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और सोलर सेक्टर में बढ़ती खपत के चलते चांदी की मांग में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। अगर यही रुझान कायम रहा, तो आने वाले वर्षों में चांदी न सिर्फ जेवरात, बल्कि निवेश का नया भरोसेमंद विकल्प बन सकती है।

 

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