
ऋषिकेश/देहरादून। त्योहारी सीजन से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को ऋषिकेश में बड़ी मात्रा में नकली घी और मिल्क पाउडर की खेप पकड़ी गई। विभागीय टीम ने एक वाहन को रोककर जांच की, जिसमें पांच क्विंटल क्रीम, 35 किलो घी और 50 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि इन उत्पादों के पास कोई गुणवत्ता प्रमाणपत्र या अनुमोदन दस्तावेज नहीं थे। टीम ने मौके पर ही उत्पाद जब्त कर नमूने प्रयोगशाला जांच हेतु भेज दिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह सभी उत्पाद अन्य राज्यों से अवैध रूप से लाए गए प्रतीत हो रहे हैं।
अपर आयुक्त (खाद्य सुरक्षा) ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि विभाग ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में ऐसे मिलावटखोर गिरोहों पर विभाग की विशेष नजर है और अभियान लगातार जारी रहेगा।
भगवानपुर में भी पकड़ी गई नकली डेयरी उत्पादों की खेप
इसी क्रम में भगवानपुर क्षेत्र के बालेकी युसुफपुर गांव में मंगलवार तड़के एफडीए और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक वाहन को रोककर जांच की। वाहन में बिना एफएसएसएआई अंकन और स्वास्थ्य मानकों के पनीर सप्लाई की जा रही थी। टीम ने मौके पर ही उत्पादों को जब्त कर वाहन चालक और सप्लायर के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत मुकदमा दर्ज किया।
मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश — उपभोक्ताओं की सेहत सर्वोपरि
त्योहारी मौसम में मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि बाजारों में बिकने वाले मावा, पनीर, घी, दूध और मिठाइयों की गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
हर जिले में सघन अभियान, मोबाइल लैब से मौके पर जांच
स्वास्थ्य सचिव एवं खाद्य संरक्षा आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि सभी जिलों में एफडीए की टीमें सघन छापेमारी कर रही हैं। मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन लगातार बाजारों में जाकर मौके पर ही उत्पादों की जांच कर रही हैं। सीमावर्ती जिलों में भी नकली और घटिया खाद्य पदार्थों की आपूर्ति रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
डॉ. कुमार ने कहा कि प्रयोगशालाओं को जांच रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार का संदेश स्पष्ट है — “मिलावटखोरी के खिलाफ कोई रियायत नहीं, उपभोक्ता की सेहत सर्वोपरि।”




