Breaking Newsउत्तराखंडशिक्षा
Trending

मातृभाषा आधारित शिक्षा से ही समावेशी समाज का निर्माण संभव : डॉ. अनिल कुमार दीक्षित

अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर बहुभाषी शिक्षा में युवाओं की आवाज़ पर जोर

देहरादून। अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर इतिहास संकलन समिति द्वारा आयोजित गोष्ठी में मातृभाषा और बहुभाषी शिक्षा के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं ने भाषाई विविधता के संरक्षण तथा मातृभाषा में शिक्षा के प्रसार को समय की आवश्यकता बताया।

इस अवसर पर उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार दीक्षित ने कहा कि बहुभाषी शिक्षा युवाओं की आवाज़ को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करती है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाने का उद्देश्य भाषाई विविधता को सम्मान देना, लुप्त होती भाषाओं को बचाना, सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करना और मातृभाषा में शिक्षा के महत्व को समझाना है।

उन्होंने बताया कि यूनेस्को ने वर्ष 1999 में 21 फरवरी को मातृभाषा दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। यह तिथि बांग्लादेश के उन शहीदों की स्मृति में चुनी गई, जिन्होंने अपनी मातृभाषा के सम्मान के लिए बलिदान दिया था। वर्ष 2000 से यह दिवस वैश्विक स्तर पर मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया में हजारों भाषाएं बोली जाती हैं, किंतु अनेक भाषाएं विलुप्ति के कगार पर हैं। ऐसे में यह दिवस हमें अपनी भाषा के संरक्षण का संदेश देता है।

रिसर्च फाउंडेशन एंड पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के चेयरमैन डॉ. सुशील सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मातृभाषा आधारित बहुभाषी शिक्षा समाज में समावेशिता को बढ़ावा देती है। अल्पसंख्यक और स्वदेशी भाषाओं को संरक्षण प्रदान कर शिक्षा के माध्यम से समाज की प्रगति सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रति वर्ष 21 फरवरी को विश्व स्तर पर मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस इन्हीं उद्देश्यों को रेखांकित करता है।

हाइब्रिड मोड में आयोजित इस गोष्ठी में सुनील तिवारी, योगेंद्र शुक्ला, संगीता तिवारी, श्रीमती मीना देवी, प्रियंका दीक्षित, रोहन कुमार, कनिष्क उपाध्याय सहित अनेक शिक्षाविद एवं छात्र उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में मातृभाषा के संरक्षण और बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा देने का सामूहिक संकल्प लिया गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button