
उत्तरकाशी, 8 सितंबर: मानसून सीजन में उत्तरकाशी जनपद के धराली, हर्षिल और मुखवा क्षेत्रों में आई आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्र सरकार की उच्च स्तरीय अंतर-मंत्रालयी टीम (IMCT) सोमवार को जनपद पहुंची। टीम ने जिला प्रशासन के साथ आपदा प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर राहत व पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद टीम चमोली भी गई और वहां भी आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया।
प्रभावितों की पीड़ा और मांगें
निरीक्षण के दौरान टीम ने स्थानीय लोगों से मुलाकात की। प्रभावित ग्रामीणों और कारोबारियों ने मकानों, होटलों, बगीचों, फसलों और व्यवसायों को हुए नुकसान का ब्यौरा साझा किया। लोगों ने पुनर्वास, रोजगार और मुआवजा शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की।
बुनियादी ढांचे की क्षति का जायजा
टीम ने क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, पेयजल लाइनों, बिजली आपूर्ति, सार्वजनिक भवनों और अन्य ढांचागत सुविधाओं का आकलन किया। साथ ही कृषि, पशुधन और स्थानीय आजीविका के साधनों को पहुंचे नुकसान का भी संज्ञान लिया। राहत कार्यों के अंतर्गत भोजन, पानी, चिकित्सा और अस्थायी आश्रयों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई।
निरीक्षण का नेतृत्व कर रहे भारत सरकार के संयुक्त सचिव आर. प्रसन्ना ने कहा कि आपदा प्रभावितों के जान–माल और आजीविका को हुए नुकसान का पूरा विवरण स्थानीय प्रशासन से जुटाया जा रहा है। विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी और उसके आधार पर राहत पैकेज की घोषणा होगी।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि केंद्रीय टीम का यह निरीक्षण आपदा प्रभावितों को त्वरित सहायता दिलाने की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट केंद्र को भेजने के बाद ही अंतिम निर्णय होगा।
निरीक्षण दल में संयुक्त सचिव आर. प्रसन्ना के साथ निदेशक वित्त शैलेश कुमार, मुख्य अभियंता पंकज सिंह और उपनिदेशक विकास सचान शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक सरिता डोबाल, एडीएम मुक्ता मिश्र, एसडीएम शालिनी नेगी, अधीक्षण अभियंता सिंचाई संजय राज, मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कोटियाल, सीएमओ बी.एस. रावत, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल मनोज गुसाईं सहित जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।




