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टिहरी-रुद्रप्रयाग-चमोली में देर रात बादल फटे, दो ग्रामीण लापता

उत्तराखंड में बारिश का कहर जारी, पांच दिन का अलर्ट

देहरादून/टिहरी/रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। देर रात टिहरी जिले के गेंवाली भिलंगना क्षेत्र, रुद्रप्रयाग जनपद के बसुकेदार तहसील और चमोली जिले के देवाल क्षेत्र में बादल फटने की घटनाएं हुईं। इन घटनाओं से खेतों, पुलिया और मार्गों को क्षति पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। कई स्थानों पर घर मलबे की चपेट में आए हैं और कुछ परिवारों के फंसे होने की खबर है। बालगंगा और धर्मगंगा नदियों का जलस्तर भी अचानक बढ़ा है। स्वास्थ्य, विद्युत, जल संस्थान, पीडब्ल्यूडी और पशु चिकित्सा विभाग की टीमें राहत कार्यों में लगी हैं।

टिहरी जिले के भिलंगना ब्लॉक के नैलचामी और गेंवाली क्षेत्र में गुरुवार देर रात बादल फटने से पुलिया, सिंचाई गोलों और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचा। नैलचामी गाड़ में आए उफान से ठेला सहित कई इलाकों में सार्वजनिक व निजी संपत्ति क्षतिग्रस्त हुई है। इसी तरह रुद्रप्रयाग जिले की बसुकेदार तहसील के बड़ेथ डूंगर तोक और चमोली जिले की देवाल तहसील के मोपटा गांव में भी भारी नुकसान की खबर है।

देवाल ब्लॉक के मोपाटा गांव में दंपती लापता 

देवाल ब्लॉक के मोपाटा गांव में गुरुवार देर रात हुई भरी बारिश से व्यापक नुकसान हुआ है। क्षेत्र से  तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता हैं, जबकि विक्रम और उनकी पत्नी घायल हैं। कई घर और गौशाला मलबे में दबे हुए हैं। कई मवेशी मलबे में दब गए हैं। प्रभावित गांवों में घरों और खेतों को भी भारी क्षति पहुंची है। डी एम संदीप तिवारी ने बताया कि प्रशासन की टीम राहत और बचाव को मौके पर रवाना कर दी गई हैं। चमोली ब्लॉक के सभी स्कूलों में शुक्रवार को छुट्टी कर दी गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देर रात बादल फटने की घटनाओं की जानकारी अपने एक्स हैंडल पर साझा की और कहा कि वे स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहे है।

अगस्त में इस बार अलग ही दिखा मौसम का मिजाज़ 

इस बार अगस्त माह में मौसम ने अलग ही मिजाज दिखाया है। आमतौर पर अगस्त के आखिरी सप्ताह में बारिश थम जाती थी और कभी-कभार ही हल्की बारिश होती थी, लेकिन इस बार पूरे माह राज्य के अधिकांश जिलों में झमाझम बारिश के कई दौर हो चुके हैं। राजधानी देहरादून में भी पिछले 24 घंटे में एक से अधिक बार कुछ घंटों की जोरदार बारिश हुई है। नदी-नाले उफान पर हैं और शहर की सड़कें तालाब का रूप ले रही हैं। गुरुवार की रात भर देहरादून सहित कई जिलों में जोरदार बारिश होती रही और शुक्रवार सुबह भी आसमान पर घने बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगस्त में बारिश से राहत नहीं मिलेगी और सितंबर माह में भी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

पांच दिन का अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई जिलों के लिए भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।

29 अगस्त को देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। 1 सितंबर को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और बागेश्वर जिले में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। अन्य जिलों के लिए इस दौरान येलो अलर्ट जारी है। इस अवधि में कहीं-कहीं गर्जन, बिजली चमकने और तीव्र से अति तीव्र बारिश के दौर भी संभावित बताए गए हैं।

हालिया आपदाएं और बंद मार्ग

पिछले दिनों उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में भीषण आपदा आई थी, जिसमें कई लोग लापता हुए और गंगोत्री हाईवे का हिस्सा बह गया। वहीं चमोली के थराली और रुद्रप्रयाग में भी क्लाउडबर्स्ट से नुकसान हुआ। राज्य के पर्वतीय मार्गों पर भूस्खलन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्गों पर 23 खतरनाक स्लाइड जोन सक्रिय हैं। कई स्थानों पर सड़कें बाधित होने से यातायात प्रभावित है।

नदियों का रौद्र रूप

भारी बारिश से प्रदेश की नदियां उफान पर हैं। अलकनंदा  और पिंडर नदी का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है। रुद्रप्रयाग में मंदाकिनी नदी के रौद्र रूप को देखते हुए पुलिस लगातार एनाउंसमेंट कर रही है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

 

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