
भराड़ीसैंण : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को भराड़ीसैंण विधानसभा में कैबिनेट बैठक आयोजित हुई। सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद हुई इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में तय किया गया कि राज्य में महिलाओं, युवाओं और भूतपूर्व सैनिकों के लिए अलग–अलग रोजगार नीति बनाई जाएगी। साथ ही उत्तराखंड अपराध से पीड़ित सहायता (संशोधन) योजना, 2025 और उत्तराखंड साक्षी संरक्षण योजना, 2025 को भी मंजूरी प्रदान की गई।
महिलाओं, युवाओं और सैनिकों के लिए अलग रोजगार नीति
कैबिनेट ने निर्णय लिया कि तीनों वर्गों के लिए रोजगार बढ़ाने व कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जैसे सरकारी सेवा, नीट, नर्सिंग, विदेशी भाषाओं और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस में युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
युवा महोत्सव और रोजगार मेले
- युवाओं को अवसर प्रदान करने के लिए राज्य में बड़े स्तर पर युवा महोत्सव और रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा।
- व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आईटीआई, पॉलिटेक्निक और स्कूल आपसी समन्वय से कार्य करेंगे।
- रोजगार से जोड़ने के लिए अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक योजनाओं पर काम होगा।
महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल
- सरकार ने मौन पालन, एप्पल मिशन और बागवानी को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। प्रारंभिक चरण में हर ब्लॉक में 200 लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- स्वैच्छिक चकबंदी योजना जल्द शुरू होगी।
- कृषि विभाग और आईटीबीपी के बीच स्थानीय उत्पादों (फल, सब्जी, दूध) की खरीद के लिए एमओयू किया गया है।
इसी तरह एसएसबी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों से भी एमओयू होंगे, ताकि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिल सके।
भूतपूर्व सैनिकों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा
राज्य में उपनल के माध्यम से कार्यरत भूतपूर्व सैनिकों को सरकारी योजनाओं व उनकी योग्यता आधारित सेवाओं से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाएगा, ताकि उन्हें रोजगार और स्वरोजगार उपलब्ध कराया जा सके।
अपराध से पीड़ित सहायता (संशोधन) योजना, 2025 को मंजूरी
- कैबिनेट ने उत्तराखंड अपराध से पीड़ित सहायता (संशोधन) योजना, 2025 को हरी झंडी दे दी।
गृह सचिव शैलेश बगोली ने बताया कि अब तक पोक्सो पीड़ितों के लिए कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं था। नए संशोधन के तहत पोक्सो पीड़ितों के लिए न्यूनतम और अधिकतम क्षतिपूर्ति राशि निर्धारित की गई है। यह प्रावधान अनुसूची-2 में जोड़े गए हैं, ताकि पीड़ितों को समयबद्ध एवं प्रभावी सहायता मिल सके।
साक्षी संरक्षण योजना, 2025 को मंजूरी
- न्याय व्यवस्था को मजबूत और निष्पक्ष बनाने के लिए कैबिनेट ने उत्तराखंड साक्षी संरक्षण योजना, 2025 को भी मंजूरी प्रदान की।
- योजना का उद्देश्य साक्षियों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करना है।
- इसके तहत पहचान गोपनीयता, स्थान परिवर्तन, संपर्क विवरण बदलाव, भौतिक सुरक्षा और आवश्यकतानुसार वित्तीय सहायता जैसे प्रावधान शामिल हैं।
- राज्य स्तर पर एक साक्षी संरक्षण समिति गठित की गई है, जिसमें न्यायपालिका, पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति साक्षियों की सुरक्षा जरूरतों का आकलन कर समय पर संरक्षण उपाय सुनिश्चित करेगी।
सरकार का स्पष्ट संदेश
‘उत्तराखंड साक्षी संरक्षण योजना, 2025’ और ‘अपराध से पीड़ित सहायता (संशोधन) योजना, 2025’ के माध्यम से सरकार ने यह संदेश दिया है कि न्याय की प्रक्रिया को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।



