गंगा उफान पर, ऋषिकेश में चेतावनी रेखा पार
उत्तराखंड में 200 से अधिक सड़कें बंद, केंद्रीय जल आयोग ने जारी किया अलर्ट

देहरादून, 18 अगस्त : पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश ने उत्तराखंड के जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य की प्रमुख नदियाँ उफान पर हैं, वहीं जगह-जगह भूस्खलन से सड़कें बाधित हो रही हैं। सोमवार सुबह ऋषिकेश में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर को पार कर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया, जिससे प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट पर हैं।
गंगा का जलस्तर बढ़ा, खतरे के निशान के करीब
सोमवार तड़के गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर 339.5 मीटर से ऊपर जाकर 339.52 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 340.5 मीटर है।दोपहर दो बजे तक गंगा चेतावनी निशान को पार कर बहती रही। जलस्तर बढ़ने से ऋषिनगरी के तमाम घाट जलमग्न हो गए। शाम चार बजे बाद जलस्तर में कमी होने लगी और जलस्तर चेतावनी निशान 339.50 को छूकर बहता रहा। केंद्रीय जल आयोग ने सोमवार सुबह 4 बजे से मंगलवार रात 8 बजे तक के लिए अलर्ट जारी किया है। नदी किनारे बसे इलाकों में मुनादी कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है।
बारिश से भूस्खलन, 200 सड़कें अवरुद्ध
लगातार हो रही बारिश से गंगोत्री और बद्रीनाथ हाईवे सहित 200 से अधिक सड़कें भूस्खलन की वजह से बंद हो गई हैं। सीमा सड़क संगठन (BRO) और लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें लगातार मलबा हटाने और यातायात बहाल करने में जुटी हुई हैं। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित होने के चलते यात्रियों को हर्षिल से सोंगड़ और डबरानी से उत्तरकाशी तक ट्रांशिपमेंट के जरिये भेजा जा रहा है। परिवहन विभाग ने दोनों ओर पर्याप्त वाहनों की व्यवस्था की है ताकि यात्रियों को कम से कम परेशानी हो।
मौसम विभाग ने राहत के संकेत दिए हैं और अगले कुछ दिनों में बारिश में थोड़ी कमी की संभावना जताई है। हालांकि, 22 अगस्त तक प्रदेश में येलो अलर्ट जारी है, जिससे प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं।



