कारगिल विजय दिवस पर वीरों को सरकार का तोहफा
परमवीर चक्र विजेता को अब मिलेंगे डेढ़ करोड़

सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए सरकार पूरी तरह कटिबद्ध
देहरादून: कारगिल विजय दिवस (26 जुलाई) की पूर्व संध्या पर उत्तराखंड सरकार ने सैनिकों के सम्मान में ऐतिहासिक घोषणा की है। राज्य सरकार ने परमवीर चक्र विजेताओं की अनुग्रह राशि को 50 लाख से बढ़ाकर अब 1.5 करोड़ रुपये करने का निर्णय लिया है। साथ ही वार्षिक अनुदान राशि के तीन लाख रुपए उन्हें पूर्व की भांति मिलते रहेंगे।
यह घोषणा खटीमा में आयोजित सैन्य सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को की। खटीमा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पिता स्वर्गीय सूबेदार शहर सिंह धामी की पुण्यतिथि के अवसर पर सैनिक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरों का सम्मान अब शब्दों से नहीं, संकल्पों से होगा। सैनिक कल्याण विभाग ने परमवीर चक्र विजेताओं की अनुग्रह राशि बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था जिसका मुख्यमंत्री ने अनुमोदन किया है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार सैनिकों और उनके परिजनों के कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम न केवल उनकी सेवा और बलिदान को पहचानते हैं, बल्कि उसे सम्मान देने के लिए हर आवश्यक कदम उठाते रहेंगे।” राज्य सरकार के अनुसार यह निर्णय केवल अनुग्रह राशि बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सैनिकों के पुनर्वास, उनके बच्चों की शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सुविधा जैसे विषयों पर भी विस्तृत योजना बनाई जा रही है। समारोह में पूर्व सैनिक, सैन्य अधिकारी और शहीद परिवारों के सदस्य शामिल हुए।
ऐसे बढ़ा वीरता का सम्मान — एक नज़र में पूरी समयरेखा
- जून 2022 से पहले यह राशि 30 लाख रुपये थी।
- 10 जून 2022 को कैबिनेट की बैठक में इस राशि को बढ़ाकर 50 लाख करने का निर्णय लिया गया।
- 14 जुलाई 2022 को राज्य सरकार द्वारा शासनादेश जारी कर इसे 50 लाख रुपये किया गया।
- इसके बाद सैनिक कल्याण विभाग की ओर से प्रस्ताव भेजा गया कि यह राशि और बढ़ाई जाए।
- कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिलने के बाद अब इसे बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
- यह बढ़ी हुई राशि 25 जुलाई 2025 से प्रभावी मानी जाएगी।
कारगिल के परमवीर चक्र विजेताओं को राष्ट्र का नमन
कैप्टन विक्रम बत्रा (13 JAK RIF)
ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव (18 Grenadiers)
राइफलमैन संजय कुमार (13 JAK RIF)
(इन सभी को कारगिल युद्ध 1999 में अद्वितीय वीरता के लिए परमवीर चक्र प्रदान किया गया)
वीरों का सम्मान, राष्ट्र की ज़िम्मेदारी
कारगिल विजय की 26वीं वर्षगांठ के अवसर पर उत्तराखंड से आया यह फैसला पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है। यह निर्णय न केवल वीरों को सम्मान देने का माध्यम है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश भी देता है कि देश अपने रक्षकों के प्रति हमेशा ऋणी और सजग रहेगा।



