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हरिद्वार में गंगनहर में डूबे चंडीगढ़ के चार कांवड़िए, मौत

एक साथी को बचाने के प्रयास में तीन अन्य भी गहरे पानी में समाए, सभी मृतक चंडीगढ़ के रहने वाले

हरिद्वार। कांवड़ मेले के बीच शुक्रवार को हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में दर्दनाक हादसा हो गया। जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में नहाते समय चार किशोर कांवड़ियों की डूबने से मौत हो गई। सभी श्रद्धालु चंडीगढ़ से कांवड़ लेने हरिद्वार पहुंचे थे। मृतकों की उम्र करीब 16 से 18 वर्ष बताई जा रही है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्नान के दौरान एक कांवड़िया अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए उसके तीन साथी भी बिना स्थिति का अंदाजा लगाए पानी में उतर गए। देखते ही देखते चारों तेज बहाव और गहराई की चपेट में आ गए और लापता हो गए। घटना के बाद मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाल ही में गंगनहर की सिल्ट सफाई के कारण कई स्थानों पर जलस्तर कम था। इसी वजह से श्रद्धालु बीच धारा तक पहुंच गए, लेकिन वहां मौजूद गहरे गड्ढे का अंदाजा नहीं लग पाने से यह हादसा हो गया।

सूचना मिलते ही जल पुलिस, स्थानीय पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। काफी देर तक चले सर्च अभियान के बाद चारों युवकों के शव गंगनहर से बाहर निकाले गए। इसके बाद शवों को जिला अस्पताल भेजा गया। मृतकों की पहचान: शिवांशु (16), नीतेश, भरत और रोहित (सभी चंडीगढ़ के निवासी)के रूप में हुई है।

जिला अस्पताल पहुंचे कांवड़िए साहिल (24 वर्ष) ने बताया कि उनके ग्रुप में करीब 20 कांवड़िए गंगाजल लेने हरिद्वार आए थे। हरकी पैड़ी से गंगाजल भरकर पूरा ग्रुप चंडीगढ़ के लिए रवाना भी हो गया था, लेकिन कुछ साथी आगे पीछे हो गए। इतने में ही जटवाड़ा पुल के पास कुछ साथी गंगनहर में नहाने लगे। गंगनहर में नहाते समय उनका एक साथी गंगनहर में आगे जाकर नहा रहा था तभी अचानक से वो गड्ढे में पानी में डूबने लगा। उसे बचाने के लिए बाकी तीन साथी भी गड्ढे में कूद गए। गड्ढे में मिट्टी में चारों धंस गए और बाहर नहीं निकल पाए.

एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया कि चारों शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। घटना की जानकारी मृतकों के परिजनों को दे दी गई है और आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस और प्रशासन ने कांवड़ यात्रियों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत एवं सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें। गंगा और गंगनहर की मुख्य धारा या गहरे पानी में जाने से बचें, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

 

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