अस्पताल में भीषण आग: एक की मौत, 13 को बचाया
आईसीयू में एसी में अचानक ब्लास्ट होने के बाद लगी आग

दून पुलिस बनी फरिश्ता: जान पर खेलकर बचाईं कई जिंदगियां
देहरादून के नेहरू कॉलोनी क्षेत्र स्थित पेनिसिया अस्पताल में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब अस्पताल के आईसीयू में लगे एसी में अचानक ब्लास्ट होने के बाद आग लग गई। देखते ही देखते आईसीयू धुएं और जहरीली गैस से भर गया, जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हादसे की सूचना मिलते ही नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बिना समय गंवाए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। धुएं से भरे आईसीयू में जान जोखिम में डालकर पुलिसकर्मियों ने मरीजों को बाहर निकाला और कई जिंदगियां बचाईं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हालात इतने गंभीर थे कि कुछ देर की देरी बड़ा हादसा साबित हो सकती थी।
रेस्क्यू के दौरान कई मरीजों और पुलिसकर्मियों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। सभी को तत्काल कैलाश अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। इस हादसे में आईसीयू में वेंटिलेटर पर भर्ती 60 वर्षीय वीरवती, निवासी कांवली बल्लीवाला, की उपचार के दौरान मौत हो गई।
घटना में कुल 13 लोग प्रभावित हुए, जिनमें 10 मरीज और राहत कार्य में जुटे तीन पुलिसकर्मी शामिल हैं। हादसे की सूचना पर एसएसपी देहरादून और एसपी सिटी भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य का जायजा लिया। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल भी जाना।
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह आईसीयू में लगे एसी का ब्लास्ट बताया जा रहा है। पुलिस और राहत टीम की त्वरित कार्रवाई के चलते समय रहते सभी मरीजों को बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
रेस्क्यू के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मी
- उपनिरीक्षक नरेंद्र कुमार (ट्रैफिक)
- कांस्टेबल बृजमोहन रावत
- कांस्टेबल बृजमोहन कनवासी
राहत एवं बचाव अभियान में शामिल टीम
थानाध्यक्ष मनोज नौटियाल के नेतृत्व में एसआई धनीराम पुरोहित, एसआई गिरीश बडोनी, एसआई अमित रॉड और एएसआई अंशुल बर्थवाल समेत पुलिस टीम ने साहसिक रेस्क्यू अभियान चलाकर कई लोगों की जान बचाई।




