
देहरादून/नई दिल्ली। देश में डेंटल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने के उद्देश्य से गठित राष्ट्रीय डेंटल कमीशन (NDC) में रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. हिमांशु ऐरन को डेंटल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड का पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया गया है। उनकी यह नियुक्ति देश में डेंटल सेक्टर में बड़े और संरचनात्मक बदलाव की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है।
भारत सरकार पहले ही डेंटल शिक्षा को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और गुणवत्ता-आधारित बनाने की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है। ऐसे में लंबे अनुभव और प्रशासनिक दक्षता रखने वाले डॉ. ऐरन की भूमिका इस बदलाव को गति देने में अहम मानी जा रही है।
“हर व्यक्ति तक पहुंचेगी गुणवत्तापूर्ण डेंटल केयर”
अपनी नियुक्ति पर प्रो. डॉ. हिमांशु ऐरन ने कहा, “यह केवल एक पद नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है। हमारा लक्ष्य है कि देश के अंतिम व्यक्ति तक किफायती और उच्च स्तरीय डेंटल स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचें। साथ ही डेंटल शिक्षा को भी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।”
अनुभव और उपलब्धियों की मजबूत पृष्ठभूमि
तीन दशक से अधिक के अनुभव वाले डॉ. ऐरन शिक्षा, शोध और प्रशासन—तीनों क्षेत्रों में सक्रिय रहे हैं। उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से भी नवाजा जा चुका है, जिनमें प्रोस्थोडोंटिक्स ऑफ द ईयर, आउटस्टैंडिंग अकादमिशियन अवार्ड और आईसीडी अवार्ड प्रमुख हैं।
पूर्व राष्ट्रपति A. P. J. Abdul Kalam द्वारा भी उनके शोध कार्य की सराहना की जा चुकी है।
क्या बदलेगा अब?
राष्ट्रीय डेंटल कमीशन के जरिए—
- डेंटल संस्थानों का पारदर्शी मूल्यांकन होगा
- शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा
आम लोगों को बेहतर और सस्ती सेवाएं मिलेंगी
भारत वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाएगा
प्रो. डॉ. हिमांशु ऐरन की यह नियुक्ति केवल एक पदभार नहीं, बल्कि देश के डेंटल हेल्थकेयर सिस्टम में सुधार और विस्तार की दिशा में एक निर्णायक कदम है। आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम देशभर में देखने को मिल सकते हैं।



