Breaking Newsउत्तराखंडपर्यावरणशिक्षा
Trending

“कृषि और पर्यावरण एक दूसरे के पूरक : डॉ. अनिल प्रकाश जोशी”

ज्ञान, नवाचार और खेती का संगम बना उत्तरांचल विश्वविद्यालय का किसान मेला 

उत्तरांचल विश्वविद्यालय में दो दिवसीय किसान मेला एवं कृषि-औद्योगिक प्रदर्शनी का हर्षोल्लास के साथ समापन

देहरादून। उत्तरांचल विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय किसान मेला एवं कृषि-औद्योगिक प्रदर्शनी का समापन समारोह उत्साह और उमंग के साथ संपन्न हुआ। समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी उपस्थित रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. जोशी ने कहा कि कृषि और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ खेती करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने किसानों और विद्यार्थियों को वैज्ञानिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने की सलाह दी, जिससे उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ पर्यावरण भी सुरक्षित रह सके।

डॉ. जोशी ने विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस किसान मेले की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ज्ञान और अनुभव के आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम होते हैं। उल्लेखनीय है कि हेस्को के संस्थापक के रूप में वे लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं।

मेले के दूसरे दिन मॉडल निर्माण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें देहरादून के विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रतियोगिता में कृषि, जल प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण तथा आधुनिक खेती से संबंधित विभिन्न मॉडलों का प्रदर्शन किया गया, जिनका मूल्यांकन विशेषज्ञों द्वारा किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी समारोह में रंग भर दिया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत लोकनृत्य, गीत एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।

मॉडल निर्माण प्रतियोगिता में स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर, उत्तरांचल विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि द्वितीय स्थान जिज्ञासा विश्वविद्यालय तथा तृतीय स्थान शिवालिक इंजीनियरिंग कॉलेज के विद्यार्थियों को मिला। वहीं, सॉइल-लेस हाइड्रोपोनिक्स तकनीक के माध्यम से स्ट्रॉबेरी उत्पादन करने वाले “ग्रीनिच ग्रीन्स” को सर्वश्रेष्ठ इनोवेटिव स्टॉल का पुरस्कार प्रदान किया गया।

विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जितेन्द्र जोशी ने किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि में नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय किसानों के हित में कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम के अंत में कृषि संकाय के निदेशक डॉ. शरद पांडेय ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर “लौकी पुरुष” के नाम से प्रसिद्ध प्रो. एस.पी. सिंह, प्रति कुलपति प्रो. राजेश बहुगुणा, डॉ. अनिल कुमार दीक्षित सहित बड़ी संख्या में किसान, छात्र एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button