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दादा बुलाने वाली युवती से दरिंदगी: गर्भ ठहरने पर दी दर्दनाशक दवा, युवती और नवजात दोनों की मौत

यू-ट्यूब पर ढूंढे गर्भ गिराने के तरीके, मोबाइल की सर्च हिस्ट्री से खुला राज

घर से निकलने की धमकी देकर करता रहा दुष्कर्म 

गरीबी, मजबूरी और भरोसे का फा उपयदा उठाकर एक मकान मालिक ने ऐसी दरिंदगी दिखाई, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। 22 साल की युवती से लगातार दुष्कर्म कर उसे गर्भवती किया और जब सच सामने आने का डर सताने लगा तो प्रसव पीड़ा के दौरान दर्दनाशक दवाएं खिलाकर उसे मौत के मुंह में धकेल दिया। इस खौफनाक साजिश में एक मासूम नवजात की भी जान चली गई।

यह सनसनीखेज मामला छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र का है, जहां किराए के मकान में रहने वाली युवती के साथ यह दर्दनाक घटना हुई।

कोविड काल में पिता की मौत के बाद 22 वर्षीय युवती अपनी मां, बहन और भाई के साथ पिछले करीब तीन साल से किराए के मकान में रह रही थी। परिवार की आर्थिक हालत बेहद कमजोर थी। मां मजदूरी कर किसी तरह घर चला रही थी, छोटा भाई ठेले पर काम करता था और छोटी बहन पढ़ाई करती थी, जबकि युवती घर पर रहती थी।

जिस मकान में परिवार रह रहा था, उसका मालिक 59 वर्षीय सुनील घरडे था। वह अक्सर युवती से मजाक में कहता कि वह उससे प्रेम करता है और शादी करना चाहता है। उम्र में बड़ा होने के कारण युवती उसे ‘दादा’ कहकर बुलाती थी।

आरोपी शादीशुदा था और उसके दो बड़े बच्चे भी हैं, लेकिन वह पत्नी और बच्चों से अलग रहता था। ज्यादातर समय घर में ही रहता और टीवी देखता था। कभी-कभी युवती को बुलाकर पैर दबवाने के लिए कहता था।

समय के साथ उसकी नीयत बदल गई। उसने युवती को पैसों का लालच देना शुरू किया और डराकर उसके साथ संबंध बनाने लगा। कई बार दुष्कर्म के बाद युवती गर्भवती हो गई। आरोपी ने घर से निकालने और बदनाम करने की धमकी देकर उसे चुप रहने के लिए मजबूर कर दिया।

करीब चार महीने बाद जब युवती के पीरियड बंद हुए तो उसने मां को अपनी गर्भावस्था के बारे में बताया। मां ने आरोपी को बुलाकर सवाल किया तो उसने भरोसा दिलाया कि “जिसने बिगाड़ा है वही सुधार भी देगा।” साथ ही बदनामी का डर दिखाकर मामला किसी को न बताने की बात कही।

जांच में सामने आया कि इस दौरान आरोपी इंटरनेट और यूट्यूब पर गर्भ गिराने से जुड़े कई वीडियो सर्च करता रहा। लेकिन कोई तरीका समझ नहीं आया तो उसने बच्चे के जन्म के बाद उसे खत्म करने की योजना बना ली। कानूनी कार्रवाई के डर से वह युवती को डॉक्टर के पास भी नहीं ले गया।

9 मार्च को युवती को नौवें महीने में प्रसव पीड़ा शुरू हुई। आरोपी मेडिकल दुकान से बिना डॉक्टर की सलाह के दर्दनाशक दवा लेकर आया और युवती को खिला दी। दर्द बढ़ने पर उसने दो और गोलियां दे दीं। हालत बिगड़ती चली गई और कुछ ही देर में युवती ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया। गर्भ से बाहर आ रहा नवजात भी फंस गया और उसकी भी मौत हो गई।

अंतिम संस्कार करने से पहले खुल गई पोल

इसके बाद आरोपी ने चुपचाप अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी और किसी को कुछ बताने से मना किया। इसी बीच युवती के कुछ रिश्तेदार घर पहुंचे। शव देखकर उन्हें शक हुआ क्योंकि युवती का पेट असामान्य रूप से फूला हुआ था।

संदेह होने पर वार्डवासियों ने पुलिस को सूचना दी। पोस्टमॉर्टम में खुलासा हुआ कि युवती के पेट में करीब तीन किलो का नवजात शिशु था, जो जन्म के दौरान फंसा हुआ था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी।

शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और युवती का किसी अन्य युवक से संबंध होने की बात कही, लेकिन मोबाइल कॉल डिटेल में ऐसा कोई सुराग नहीं मिला। बाद में जब पुलिस ने आरोपी का मोबाइल खंगाला तो उसमें गर्भ गिराने से जुड़े सैकड़ों वीडियो सर्च किए गए थे।

पुलिस ने जब डीएनए जांच की बात कही तो आरोपी घबरा गया और उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी सुनील घरडे को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

 

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