
थारू लोकगायिका रिंकू राणा को देहरादून में दी श्रद्धांजलि, कलाकारों ने याद की उनकी गायकी
देहरादून। थारू जनजाति की सुप्रसिद्ध लोक गायिका स्वर्गीय रिंकू राणा की असमय मृत्यु से संगीत जगत शोक में डूबा हुआ है। 5 मार्च को खटीमा में हुई सड़क दुर्घटना में उनके निधन के बाद रविवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब, देहरादून में एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोक कलाकारों और सांस्कृतिक हस्तियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित कलाकारों ने रिंकू राणा के साथ बिताए अपने अनुभव साझा करते हुए उनकी प्रतिभा और सरल स्वभाव को याद किया। “आवाज सुनो पहाड़ों की” के संयोजक-निर्देशक नरेंद्र रौथाण ने कहा कि रिंकू राणा ने अपनी मधुर आवाज और लोकगीतों के माध्यम से थारू जनजाति की संस्कृति को नई पहचान दिलाई थी। उन्होंने कहा कि उनकी असमय विदाई उत्तराखंड की लोक संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति है।
इस अवसर पर लोकगायिका मीना राणा, जौनसारी लोक कलाकार नंद लाल भारती सहित अन्य कलाकारों ने भी रिंकू राणा की गायकी और उनके सांस्कृतिक योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
सभा में संगीतकार संजय कुमोला, पूजा चौहान, आरती बडोला, सुषमा नेगी, हेमंत कुमार थपलियाल, मनोज दसोनी, अनुज और अर्नव सहित अनेक लोक कलाकारों ने उपस्थित होकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।



