
देहरादून। प्रेम नगर स्थित सनातन धर्म मंदिर परिसर में इस वर्ष होली महोत्सव अत्यंत भक्ति, उल्लास और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। बड़ी संख्या में प्रेम नगर वासियों ने कार्यक्रम में सहभागिता कर सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश दिया।
शाम को कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर में भगवान राधा-कृष्ण के गुणगान और भजन कीर्तन से हुई। श्रद्धालुओं ने होली के पारंपरिक भजन गाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कीर्तन के बाद ढोल की थाप पर मंदिर परिसर में फूलों की होली खेली गई। महिला संकीर्तन मंडल की अध्यक्ष शिवानी भाटिया के नेतृत्व में कोषाध्यक्ष अनीता मैनी, अंजू सैनी, पारुल बिश्नोई, पूनम माटा, चंपा, मधु भाटिया, मिनी भाटिया, दिव्य कोहली, बीना भाटिया, नीरू छिब्बर, पूनम सैनी , गीता साहनी, बीनू खन्ना , तन्वी गुजराल, सरिता ठाकुर, रीना, दर्शना आहूजा, बिंदु शर्मा, अनिका शर्मा और सोनिया सहित अन्य महिलाओं ने एक-दूसरे पर पुष्प वर्षा कर होली का आनंद लिया। पूरा परिसर भक्ति संगीत और पुष्पों की सुगंध से सराबोर रहा।
इसके उपरांत विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई और श्रद्धालुओं ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। रात्रि करीब 9:00 बजे शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया गया। अग्नि प्रज्वलित होते ही श्रद्धालुओं ने परिक्रमा कर सुख-शांति और उन्नति की प्रार्थना की तथा एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।
होलिका दहन का पूजन पंडित किशन प्रसाद जी ने विधिवत संपन्न कराया। पूजन के दौरान आनंद प्रकाश अरोड़ा, लक्ष्मी अरोड़ा, फकीर चंद खेत्रपाल, राजेश भाटिया टोनी व पुनीत तलवार सहित अन्य गणमान्य नागरिक यज्ञ वेदी के समीप उपस्थित रहे और अनुष्ठान में सहभागिता की।
कार्यक्रम में कैंट विधायक सविता कपूर भी विशेष रूप से पहुंचीं और क्षेत्रवासियों को होली की शुभकामनाएं दीं। इसके अलावा जगदीश गिरोटी, फकीर चंद खेत्रपाल, अर्जुन कोहली, संजय भाटिया, पुनीत तलवार, पंडित माधव उपाध्याय, मनोज बहल, कीमत गुलाटी, जतिन तलवार, चिराग, सुजल, भूषण भाटिया, विक्की खन्ना, ओम प्रकाश, मुकेश अग्रवाल, हरीश कोहली सहित अनेक गणमान्य नागरिक कार्यक्रम में उपस्थित रहे। इसके पश्चात प्रसाद वितरण किया गया जिसमें जतिन तलवार और उनकी पूरी टीम ने संपन्न कराया।
मंदिर समिति के अनुसार पूरा आयोजन शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ और प्रेम नगर में होली का यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देते हुए हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।




