“सॉरी मम्मी-पापा” लिखकर 9वीं मंजिल से कूदीं तीन सगी बहनों ने लगाया मौत को गले
ऑनलाइन गेम का आखिरी टास्क मासूमों की जिन्दगी पर पड़ा भारी

ऑनलाइन कोरियन गेम खेलने की आदी थीं तीनों बहनें
ऑनलाइन दुनिया की एक अनदेखी चुनौती ने तीन मासूम जिंदगियों को हमेशा के लिए खामोश कर दिया। आधी रात के सन्नाटे में एक ही परिवार की तीन नाबालिग बहनों ने 9वीं मंजिल से छलांग लगा दी। मौके से मिले सुसाइड नोट में सिर्फ कुछ शब्द लिखे थे — “मम्मी, पापा… सॉरी”। सवाल यह है कि क्या यह एक गेम का आखिरी टास्क था, या बच्चों पर चुपचाप बढ़ता जा रहा मानसिक दबाव, जिसने उन्हें यह खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर कर दिया?
गाजियाबाद के थाना टीला मोड़ क्षेत्र स्थित भारत सिटी में मंगलवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां तीन नाबालिग सगी बहनों ने एक साथ 9वीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें सिर्फ “मम्मी-पापा सॉरी” लिखा मिला। पूरे मामले की गहन जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार, रात करीब 2:15 बजे पीआरवी के जरिए सूचना मिली कि टावर बी-1, फ्लैट नंबर 907 की नौवीं मंजिल से तीन बच्चियां नीचे गिर गई हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों को गंभीर हालत में जमीन पर पाया। तत्काल एंबुलेंस से उन्हें 50 शैय्या अस्पताल, लोनी भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
मृतक लड़कियों की पहचान निशिका (16 वर्ष), प्राची (14 वर्ष) और पाखी (12 वर्ष) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों रात करीब 2:30 बजे इमारत से कूदी थीं।
घटना के बाद लड़कियों के पिता ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। उनके मुताबिक, तीनों बच्चियां एक ऑनलाइन कोरियन गेम खेलने की आदी थीं, जिसकी जानकारी परिवार को नहीं थी। पिता का कहना है कि गेम में कुल 50 टास्क थे और मंगलवार को उसका आखिरी टास्क था। आशंका जताई जा रही है कि उसी टास्क के तहत तीनों ने यह कदम उठाया। पुलिस ने बच्चियों के मोबाइल फोन जांच के लिए कब्जे में ले लिए हैं।
परिवार के अनुसार, बीच वाली बहन गेम की लीडर थी और वही कमांड तय करती थी। तीनों बहनें लगभग हर गतिविधि एक साथ करती थीं और अपने इस गेमिंग व्यवहार को परिवार से छिपाकर रखती थीं। जानकारी यह भी सामने आई है कि पिछले करीब दो वर्षों से तीनों बच्चियां स्कूल नहीं जा रही थीं।
क्या है ‘कोरियन लवर’ गेम?
मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस जांच के अनुसार, ये एक ऑनलाइन टास्क-बेस्ड गेम है. जो खिलाड़ियों को अलग-अलग टास्क (लक्ष्य) देता है. गेम के प्रभाव में खिलाड़ी खुद को भारतीय के बजाय कोरियाई समझने लगते हैं. इस गेम में कथित तौर पर ऐसे टास्क दिए जाते हैं जो मानसिक रूप से प्रभावित कर सकते हैं और चरम स्थितियों में जानलेवा साबित हो सकते हैं.
पुलिस को घटनास्थल से जो एक पन्ने का सुसाइड नोट मिला है, उसमें सिर्फ “मम्मी पापा सॉरी” लिखा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह शब्द बच्चियों पर रहे मानसिक दबाव की ओर इशारा कर सकते हैं, लेकिन अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है—चाहे वह पारिवारिक स्थिति हो, बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियां हों या किसी तरह का बाहरी प्रभाव। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद ही घटना की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।




