हाईकोर्ट की बड़ी राहत: वर्कचार्ज कर्मचारियों की पेंशन रोकने के आदेश पर अंतरिम रोक, 10 हजार को फायदा
नैनीताल। नैनीताल हाईकोर्ट ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और सिंचाई विभाग के नियमित वर्कचार्ज कर्मचारियों की पेंशन पर रोक लगाने संबंधी वित्त विभाग के आदेश को अंतरिम रूप से स्थगित कर दिया है। इस फैसले से राज्य के करीब 10 हजार सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।
यह आदेश न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की एकलपीठ ने सेवानिवृत्त कर्मचारी राम सिंह सैनी व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। कोर्ट ने राज्य सरकार से पूरे मामले पर विस्तृत जवाब भी तलब किया है।
यह है पूरा मामला
याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि वर्ष 1980 से 2025 तक कार्यरत रहे नियमित वर्कचार्ज कर्मचारियों और उनके आश्रितों को अब तक पेंशन व अन्य सेवा लाभ मिलते रहे हैं। हालांकि, 16 जनवरी 2026 को वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद अचानक उनकी पेंशन रोक दी गई।
आदेश में कहा गया था कि 1 अक्टूबर 2005 के बाद नियमित किए गए वर्कचार्ज कर्मचारियों को पेंशन के दायरे से बाहर रखा जाएगा, जबकि वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों को राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) से जोड़ा जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला
याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में ‘प्रेम सिंह बनाम उत्तर प्रदेश सरकार’ मामले में स्पष्ट किया था कि नियमित किए गए वर्कचार्ज कर्मचारियों की पूर्व सेवा को जोड़ते हुए उन्हें पेंशन और अन्य लाभ दिए जाने चाहिए। इसके बावजूद राज्य सरकार ने पेंशन रोकने का आदेश जारी किया, जो कानून के विपरीत है।
हाईकोर्ट का रुख
हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वित्त विभाग के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी और सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा है। कोर्ट के इस फैसले से हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों में राहत और संतोष का माहौल है। वर्कचार्ज कर्मचारियों के संगठनों ने इसे न्याय और अधिकारों की जीत बताते हुए कहा कि वे आगे की सुनवाई में भी अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।




