
उत्तरायण से समाप्त होता है खरमास (अशुभ काल)
मकर संक्रांति हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जो सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश और उत्तरायण होने का प्रतीक माना जाता है। इस दिन सूर्य देव की कृपा विशेष रूप से प्राप्त होती है और दान, पूजा और स्नान का समय अत्यंत फलदायी होता है। मकर संक्रांति का पर्व न केवल खिचड़ी खाने और तिल-गुड़ दान करने के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यह दिन सूर्य पूजा, स्नान, दान और कर्म सुधार का सर्वोत्तम समय भी माना जाता है। इस दिन जीवन में सकारात्मक बदलाव, सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति के अवसर बढ़ जाते हैं।
मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है?
जब सूर्य दक्षिण दिशा में गमन करते हैं तो वो देवताओं की रात्रि का समय होता है। वहीं, जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो उत्तर दिशा में गमन करने लगते हैं, सूर्य उत्तरायण को देवताओं का दिन माना गया है। उत्तरायण से खरमास (अशुभ काल) समाप्त होता है और विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं। यह सूर्य देव को समर्पित पर्व है। मान्यता है कि इस दिन सूर्य अर्घ्य देने से स्वास्थ्य, दीर्घायु और समृद्धि मिलती है। सूर्य की कृपा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
मकर संक्रांति के पीछे की पौराणिक कथा
पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र मकर राशि के स्वामी शनिदेव (से मिलने जाते हैं। सूर्य और शनि पिता-पुत्र होने के बाद भी आपस में शत्रुता रखते हैं, लेकिन इस दिन सूर्यदेव अपने पुत्र शनि को माफ करते हैं और उनके घर पहुंचते हैं और पिता-पुत्र का मिलन होता है। यह मिलन सुलह और पारिवारिक सद्भाव का प्रतीक माना जाता है।
मकर संक्रांति का पुण्यकाल
वर्ष 2026 की मकर संक्रांति 14 जनवरी, बुधवार को दोपहर 3:13 बजे सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे। संक्रांति का पुण्यकाल दोपहर 3:13 बजे से 5:45 बजे तक रहेगा, जबकि महा पुण्यकाल 3:13 से 4:58 बजे तक है। स्नान का श्रेष्ठ समय सूर्योदय से पूर्व या सूर्योदय के समय है और दान का श्रेष्ठ समय स्नान और सूर्य को अर्घ्य देने के तुरंत बाद है।
इस दिन सूर्य शांति के उपाय जैसे तांबे के लोटे में जल, लाल फूल और गुड़ मिलाकर सूर्य को अर्घ्य देना, आदित्य हृदय स्तोत्र या सूर्याष्टक का पाठ करना और पिता, गुरु व वरिष्ठों का सम्मान करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
साथ ही शनि, गुरु और राहु-केतु की शांति उपाय भी इस दिन विशेष लाभकारी रहेंगे।
शनि दोष शांति के लिए करें ये उपाय
काले तिल, कंबल और सरसों के तेल का दान करें, श्रमिक, सफाईकर्मी या निर्धन को भोजन कराएँ। मंत्र “ॐ शं शनैश्चराय नमः” 108 बार पाठ करने से बाधाएँ कम होती हैं, कर्मफल संतुलित रहता है और दीर्घकालिक स्थिरता आती है।
गुरु प्रतिगामी शांति के लिए
पीली वस्तुएँ जैसे हल्दी, चना दाल, पीला वस्त्र दान करें और किसी विद्यार्थी या गुरु को भोजन कराएँ। मंत्र “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः” पढ़ने से शिक्षा, बुद्धि, निर्णय शक्ति और कानूनी व पारिवारिक मामलों में सुधार होता है।
राहु-केतु शांति के लिए
नारियल, नीला कपड़ा और काले तिल दान करें, कुत्तों को भोजन कराएँ। मंत्र राहु — “ॐ रां राहवे नमः”, केतु — “ॐ कें केतवे नमः” का जाप करने से भ्रम, भय और अचानक संकट से रक्षा मिलती है और मानसिक शांति आती है।
मकर संक्रांति पर राशि के अनुसार करें दान
♈ मेष (Aries)
मेष राशि के लोग गुड़ का दान करें। गुड़ का दान करने से कुंडली में कमजोर ग्रह मजबूत होंगे, कार्यक्षेत्र में सफलता और परिवार में सुख-समृद्धि प्राप्त होगी। इस दान से नौकरी, व्यवसाय और पारिवारिक मामलों में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और जीवन में स्थिरता आती है।
♉ वृषभ (Taurus)
वृषभ राशि वाले चावल का दान करें। इससे व्यापार और आय में वृद्धि होगी, घर-परिवार में खुशहाली आएगी और समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। वृद्धजनों और वरिष्ठ लोगों का आशीर्वाद विशेष रूप से मिलेगा।
♊ मिथुन (Gemini)
मिथुन राशि वाले मूंग की दाल की खिचड़ी का दान करें और गाय को हरा चारा खिलाएं। इससे शुभ समाचार मिलेंगे, संपन्नता बढ़ेगी और स्वास्थ्य लाभ होगा। परिवार में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ेगी और सामाजिक प्रतिष्ठा मजबूत होगी।
♋ कर्क (Cancer)
कर्क राशि वाले चावल, मिश्री और तिल का दान करें। इससे करियर में उन्नति और रुके हुए कार्य पूरे होंगे। जीवन में स्थिरता आएगी और विरोधियों पर विजय प्राप्त होगी।
♌ सिंह (Leo)
सिंह राशि वाले लाल वस्त्र और गुड़ का दान करें। इससे आत्मबल बढ़ेगा, परिवार में सकारात्मक ऊर्जा आएगी, नौकरी और व्यवसाय में मान-सम्मान बढ़ेगा और कठिन परिस्थितियों में विजय के योग बनेंगे।
♍ कन्या (Virgo)
कन्या राशि वाले मूंग की दाल की खिचड़ी बनाकर दान करें और गाय को हरा चारा खिलाएं। इससे धन-धान्य की प्राप्ति होगी, शिक्षा और प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी। माता-पिता और वरिष्ठों का आशीर्वाद प्राप्त होगा।
♎ तुला (Libra)
तुला राशि वाले सफेद कपड़ा या कंबल दान करें। इससे घर में सुख-समृद्धि और मानसिक शांति बढ़ेगी। किसी जरूरतमंद को मदद करने से पुण्य की प्राप्ति होगी और सामाजिक प्रतिष्ठा मजबूत होगी।
♏ वृश्चिक (Scorpio)
वृश्चिक राशि वाले गुड़ और तिल का दान करें। इससे धन की प्राप्ति होगी, रुके हुए काम पूरे होंगे और परिवार में सहयोग और भाई-बहनों के साथ सौहार्द बढ़ेगा।
♐ धनु (Sagittarius)
धनु राशि वाले केसर का दान करें। इससे कानूनी और प्रशासनिक मामलों में सफलता मिलेगी, मान-सम्मान बढ़ेगा और व्यवसाय व नौकरी में लाभ प्राप्त होगा।
♑ मकर (Capricorn)
मकर राशि वाले तेल और तिल का दान करें। इससे जीवन में शुभता आएगी, स्वास्थ्य और व्यवसाय में लाभ होगा। नई जिम्मेदारियाँ निभाने में सफलता मिलेगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा।
♒ कुंभ (Aquarius)
कुंभ राशि वाले गरीबों और अपंगों को भोजन कराएं। इससे आय में वृद्धि होगी, सामाजिक लाभ प्राप्त होगा और मानसिक शांति व संतोष मिलेगा।
♓ मीन (Pisces)
मीन राशि वाले रेशमी कपड़े, तिल और चने की दाल का दान करें। इससे घर में सुख-समृद्धि, मित्र और सामाजिक संपर्क लाभकारी रहेंगे, स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और जीवन में स्थिरता आएगी।




