
उत्तरांचल विवि ने राष्ट्रीय स्तर पर 51वां स्थान हासिल कर किया सतत विकास और सामाजिक जिम्मेदारी में उत्कृष्ट प्रदर्शन
देहरादून। उत्तरांचल विश्वविद्यालय ने क्यूएस सस्टेनेबिलिटी रैंकिंग 2026 में प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त किया है, जिससे इसकी पहचान एक दूरदर्शी, सतत विकास उन्मुख और वैश्विक मानकों के अनुरूप पर्यावरणीय उत्तरदायित्व तथा सामाजिक प्रभाव के प्रति प्रतिबद्ध संस्था के रूप में और मजबूत हुई है।
इस रैंकिंग के इस संस्करण में दुनिया भर के 1,994 विश्वविद्यालय और कालेज शामिल थे, जिनमें भारत के 103 प्रमुख संस्थान भी शामिल थे। उत्तरांचल विवि ने राष्ट्रीय स्तर पर 51वां स्थान प्राप्त कर उन शीर्ष भारतीय संस्थानों में अपनी जगह बनाई हैं जिन्होंने सतत विकास से जुड़े विभिन्न प्रदर्शन संकेतकों पर उल्लेखनीय प्रगति की है।
विशेष रूप से, ‘नॉलेज एक्सचेंज’, ‘इक्वालिटी’ और ‘गवर्नेंस’ श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ उत्तरांचल विवि ने उत्तराखंड के सभी संस्थानों में सर्वाधिक स्कोर प्राप्त किया। इसके अलावा, विवि ने कई प्रतिष्ठित आईआईटी और आईआईएम संस्थानों को पीछे छोड़ते हुए रैंक हासिल की।
इस उपलब्धि पर अध्यक्ष जितेन्द्र जोशी, उपाध्यक्ष अंकिता जोशी, कार्यकारी निदेशक (छात्र कल्याण एवं आईटी) डा. अभिषेक जोशी, कुलपति प्रो. धरम बुद्धि, प्रो-वीसी प्रो. राजेश बहुगुणा, और रजिस्ट्रार डा. अनुज कुमार राणा ने हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) ने गुणवत्ता मानकों को स्थापित करने और सतत सुधार की संस्कृति विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
साथ ही, IQAC निदेशक राजेश देवरारी, सहायक प्रबंधक सुधीर जुगरान, और सभी संकाय सदस्यों के समर्पण, सूक्ष्म दस्तावेजीकरण और महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की गई।




