
देहरादून। दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए कार्यरत राजधानी देहरादून की प्रमुख सामाजिक संस्था ‘गोकुल’ ने रविवार को अपना रजत जयंती समारोह धूमधाम से मनाया। रिस्पना पुल के समीप एक होटल में आयोजित यह भव्य आयोजन परमाध्यक्ष गोकुल मोहन जगूड़ी के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।
अपने संदेश में श्री जगूड़ी ने कहा कि संस्था का लक्ष्य दिव्यांगजन की छिपी हुई प्रतिभा को निखारकर उन्हें आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2000 से अब तक संस्था द्वारा आयोजित 91 स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविरों के माध्यम से 41,524 से अधिक लोगों को सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पहाड़ों में पलायन रोकने के उद्देश्य से रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और टिहरी में कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनसे अब तक 5,609 से अधिक बच्चों व युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि सुनील कुमार जैन, अध्यक्ष, तुलाज ग्रुप, देहरादून द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. सुशील बंसल (निदेशक, एडवांस न्यूरो रिहैबिलिटेशन सेंटर), आर.के. सिंघल (मुख्य अभियंता, रि., हिंडाल्को) और इंजीनियर नरेन्द्र सिंह (पूर्व अध्यक्ष, इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स, इंडिया) उपस्थित रहे।
समारोह में सहज सिंघल द्वारा गणेश वंदना पर शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत किया गया, जबकि दिव्यांगजन ने मनमोहक गीतों से सभी को भावविभोर कर दिया। गोकुल कृत्रिम अंग केंद्र की ओर से आठ जरूरतमंद दिव्यांगजनों को निशुल्क कृत्रिम अंग और कैलिपर प्रदान किए गए। वहीं गोकुल कंप्यूटर केंद्र में प्रशिक्षित 10 युवाओं को प्रमाणपत्र दिए गए।
दिव्यांगजनों के खेल, स्वरोजगार और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विशेष सम्मान समारोह भी आयोजित हुआ। संस्था के सतत सहयोगी वरिष्ठ सदस्यों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण उत्तरकाशी से आए दिव्यांगजन द्वारा लगाए गए पहाड़ी उत्पादों और उनी वस्त्रों की प्रदर्शनी रही, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
समारोह के सफल आयोजन में विपिन सिंह रावत, श्रीमती अर्चना रावत, श्रीमती कनक नेगी, श्रीमती चारु राणा, श्रीमती पूनम डोबरियाल, श्रीमती सुषमा बड़थवाल, दीपक शैली और आशीष नकोटी का विशेष योगदान रहा।




