
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित उत्तरांचल विश्वविद्यालय ने प्रतिष्ठित क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी एशिया रैंकिंग 2029 में अपना शानदार पदार्पण दर्ज कराया है। विश्वविद्यालय ने दक्षिणी एशिया क्षेत्र में 330वां स्थान और समग्र एशियाई रैंकिंग में 1001–1100 बैंड हासिल कर प्रदेश का मान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया है।
विश्वविद्यालय को पहली बार इस प्रतिष्ठित सूची में स्थान मिलने पर परिसर में गौरव और उत्सव का माहौल है। क्यूएस (Quacquarelli Symonds) द्वारा रैंकिंग में संस्थानों का मूल्यांकन शैक्षणिक प्रतिष्ठा, नियोक्ता प्रतिष्ठा, संकाय-छात्र अनुपात, अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान नेटवर्क, स्थिरता और वैश्विक दृष्टिकोण जैसे मानकों के आधार पर किया जाता है।
क्यूएस की मान्यता के साथ उत्तरांचल विवि अब उन प्रतिष्ठित भारतीय संस्थानों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिनमें आईआईटी दिल्ली, आईआईएससी बेंगलुरु, आईआईटी मद्रास, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी कानपुर, आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी रुड़की, जेएनयू, दिल्ली विश्वविद्यालय, बिट्स पिलानी, वीआईटी वेल्लोर, जामिया मिलिया इस्लामिया, सिम्बायोसिस इंटरनेशनल, मणिपाल विश्वविद्यालय, बीएचयू, एसआरएम, आईआईटी इंदौर, आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी, मुंबई विश्वविद्यालय और हैदराबाद विश्वविद्यालय जैसे संस्थान शामिल हैं।
विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जितेंद्र जोशी, उपाध्यक्ष अंकिता जोशी, कार्यकारी निदेशक (छात्र मामले एवं आईटी) डॉ. अभिषेक जोशी, कुलपति प्रो. धर्म बुद्धि, प्रो वाइस चांसलर प्रो. राजेश बहुगुणा और रजिस्ट्रार डॉ. अनुज कुमार राणा ने इस उपलब्धि को विश्वविद्यालय की अकादमिक उत्कृष्टता, अनुसंधान दृश्यता और वैश्विक जुड़ाव के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।
उन्होंने कहा कि यह सफलता विश्वविद्यालय की सतत गुणवत्ता सुधार प्रक्रिया का परिणाम है। साथ ही, उन्होंने आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन सेल (IQAC) की भूमिका की सराहना की, जिसने अंतरराष्ट्रीय सहयोग, डेटा-आधारित शिक्षण और अनुसंधान को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर आईक्यूएसी निदेशक राजेश देवरारी, सहायक प्रबंधक सुधीर जुगरान और सभी संकाय सदस्यों को इस उपलब्धि पर बधाई दी गई।



