उत्तराखंड में जल विद्युत परियोजना से प्रभावितों को मिलेगा तीन गुना मुआवजा
लखवाड़ जल विद्युत परियोजना से 300 मेगावाट बिजली उत्पादन का है लक्ष्य

देहरादून। उत्तराखंड की प्रमुख जल विद्युत परियोजना, लखवाड़ व्यासी, त्यूनी–प्लासू, आराकोट–त्यूनी जल विद्युत परियोजना और लखवाड़ बांध परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों को नैनबाग–टिहरी प्रभावितों की तरह भूमि अधिग्रहण का तीन गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया है। यह कदम शासन ने जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंजूरी दी, जिससे प्रभावित गांवों के लोगों को सीधा लाभ होगा।
मुआवजा दरों में असमानता को लेकर ग्रामीणों की आपत्ति के बाद प्रशासनिक समिति ने समीक्षा कर प्रस्ताव भेजा था, जिसे शासन ने हरी झंडी दे दी। इस फैसले के बाद धनपो, लखवाड़, लकस्यार, खुन्ना अलमान, लुधेरा, खाती, दाऊ, ऊभौ और सरयाना गांवों के प्रभावित परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा, “यह निर्णय न केवल प्रभावित परिवारों को न्याय प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें आर्थिक संबल भी मिलेगा, जिससे पुनर्वास कार्यों में तेजी आएगी और परियोजनाओं के क्रियान्वयन की गति भी बढ़ेगी।”
लखवाड़ जल विद्युत परियोजना राज्य की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है, जिसके तहत 300 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य है। इस परियोजना से मिलने वाली बिजली उत्तराखंड के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली को भी प्राप्त होगी, जिससे इन राज्यों में ऊर्जा संकट को दूर करने में मदद मिलेगी।




