
40 ग्राम से शुरू होकर करोड़ों तक पहुँचा लालच!
नई दिल्ली/हापुड़, 9 सितम्बर : दिल्ली के लाल किले के सामने आयोजित जैन समाज के दसलक्षण महापर्व में हुई करोड़ों की कलश चोरी की गुत्थी सुलझा ली गई है। पुलिस ने इस मामले में शातिर अपराधी भूषण वर्मा को उसके दो साथियों सहित हापुड़ जिले से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी ने न केवल एक करोड़ से अधिक कीमत के हीरे-जड़े सोने के कलश पर हाथ साफ किया था, बल्कि इससे पहले भी कई जगहों से सोने के कलश चोरी कर चुका था।
आरोपी भूषण वर्मा सिर्फ सामान्य चोर नहीं बल्कि ऐसा अपराधी निकला जो सोशल मीडिया और यूट्यूब पर जैन समाज के कार्यक्रम तलाशकर वहाँ पहुंचता और खुद को सेवक बनाकर विश्वास जीत लेता था। लालच ने उसे पहले 40 ग्राम सोने का कलश चोरी से शुरू करवाया और फिर करोड़ों की वारदात तक पहुँचा दिया।
ऐसे रचा गया खेल
भूषण वर्मा खुद को जैन समाज का सेवक या धार्मिक व्यक्ति बताकर आयोजनों में घुसता था। वह सफेद धोती-कुर्ता पहनकर संतों की तरह रहता, सेवा करता और आयोजकों का विश्वास जीतता। इस दौरान पूरे कार्यक्रम और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेता। मौका मिलते ही वह कीमती कलश को लेकर चंपत हो जाता। यही नहीं, पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि भूषण जैन समाज के कार्यक्रमों की जानकारी यूट्यूब और सोशल मीडिया से जुटाता था।
दो दिन तक की सेवा
इस बार भूषण वर्मा की नजर उस बड़े सोने-रत्न जड़े कलश पर थी, जिसकी कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये थी। हापुड़ का रहने वाला भूषण जैन पर्व में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुँचा और खुद को जैन मुनि का रूप दे लिया। उसने दो दिनों तक धार्मिक कार्यक्रम में सेवा की ताकि किसी का शक उस पर न पड़े। इस दौरान उसने पूरी जगह का निरीक्षण किया और सुरक्षा इंतजामों की बारीकी से जांच की। उसे पूरा भरोसा था कि इस बार भी वह आसानी से चोरी कर लेगा।
इस बार नहीं दिया भाग्य ने साथ
भूषण की योजना कितनी भी होशियाराना क्यों न थी, लेकिन इस बार उसने जगह गलत चुनी। कार्यक्रम में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भी मौजूद थे। इसी भीड़ और तैयारियों के बीच उसने मंच से कलश उठा लिया। लेकिन सीसीटीवी फुटेज में उसकी पहचान स्पष्ट हो गई। दिल्ली पुलिस ने e-Face ऐप और पुराने क्रिमिनल रिकॉर्ड के आधार पर उसे ट्रेस किया और उसकी पूरी कहानी उजागर कर दी। इसके बाद पुलिस ने भूषण वर्मा और उसकी मदद करने वाले दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया।
40 ग्राम से शुरू हुई चोरी की कहानी
दिल्ली पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि भूषण ने 7 अगस्त को आनंद विहार क्षेत्र के जैन मंदिर से 40 ग्राम सोने का कलश चोरी किया था। यह उसकी लालच और योजनाबद्ध वारदातों की शुरुआत थी। इसके बाद उसने लालकिले के सामने आयोजित महापर्व में नजरें गड़ाईं और वहां से लगभग 760 ग्राम सोना व 115 ग्राम हीरे-पन्ना जड़ा कलश गायब कर दिया। चोरी की कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये आंकी गई है।
तकनीक से दबोचा गया
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और e-Face ऐप जैसे आधुनिक तकनीकी साधनों का सहारा लिया। आखिरकार आरोपी की प्रोफाइल फोटो और मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसे हापुड़ जिले के असौड़ा गांव से दबोच लिया गया। पुलिस ने उसके ठिकाने से एक साबुत कलश और लगभग 150 ग्राम पिघला सोना भी बरामद किया है।
शादी की तैयारी में था आरोपी
दिल्ली पुलिस ने बताया कि भूषण वर्मा अगले दो माह में अपनी बेटी की शादी की तैयारी में जुटा था और इसी लालच में उसने कीमती कलश पर हाथ साफ किया। फिलहाल तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस को शक है कि इनके तार अन्य वारदातों से भी जुड़े हो सकते हैं।




