
मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, नदियां खतरे के निशान से ऊपर
देहरादून।
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। बीते 24 घंटे में नैनीताल में 174 मिमी, हल्द्वानी में 98 मिमी और कालाढूंगी में 46 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। कई इलाकों में अब भी तेज बारिश का सिलसिला जारी है।
भारी बारिश और भूस्खलन से नैनीताल जिले की 27 सड़कें बंद हो गई हैं। इनमें 01 राष्ट्रीय मार्ग, 04 राज्य मार्ग, 02 प्रमुख जिला मार्ग और 20 ग्रामीण मार्ग शामिल हैं। ज्योलीकोट–क्वारब, हल्द्वानी–चोरगलिया, रामनगर–भण्डारपानी–बोहराकोट, भुजान–बेतालघाट–गर्जिया और कई ग्रामीण संपर्क मार्गों पर यातायात ठप है। मार्गों को खोलने के लिए प्रशासन ने जेसीबी और मशीनरी लगाई है तथा राहत टीमें तैनात कर दी गई हैं।
भारी वर्षा के कारण जिले के कई क्षेत्रों में बिजली और पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई है। हैड़ाखान, ओखलकांडा, सुवाकोट और पोखरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप है। वहीं नदियों का जलस्तर भी खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। गौला बैराज में 62,302 क्यूसेक, कोसी बैराज में 31,385 क्यूसेक और नंधौर नदी में 12,128 क्यूसेक पानी बह रहा है। गौला नदी खतरे के निशान से लगभग 20 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जिससे बिंदुखत्ता और श्रीलंका टापू क्षेत्र में भूमि कटाव शुरू हो गया है।
इधर, मौसम विभाग ने राज्य के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। देहरादून, नैनीताल, चम्पावत और उधम सिंह नगर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी भूस्खलन और मलबा आने से यात्री प्रभावित हो रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों-नालों के किनारे न जाएं, अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम की जानकारी लेकर ही सफर करें। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए प्रशासन, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें अलर्ट मोड पर हैं।




