कांग्रेस ने किया सीएम आवास कूच, यूकेएसएसएससी अध्यक्ष की बर्खास्तगी की मांग
पुलिस ने हाथीबड़कलां में बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शन रोका, किया गिरफ्तार

कांग्रेसियों ने बैरिकेडिंग पर चढ़कर सभा शुरू की
बेरोजगार नौजवानों के भविष्य के लिए आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
देहरादून। यूकेएसएसएससी की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया। पुलिस ने हाथीबड़कलां में बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पर चढ़कर वहीं जनसभा शुरू कर दी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया
प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य के नौजवान पिछले साढ़े आठ सालों से रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने बेरोजगारों के भविष्य के साथ धोखा किया है। माहरा ने कहा कि प्रदेश में भर्तियों की स्थिति भयावह है, जो थोड़ी-बहुत भर्ती होती है, उसके परीक्षा के पेपर लीक हो जाते हैं। उन्होंने विशेष रूप से कहा, “जो लोग पेपर लीक करवाते हैं, उनमें से कई भाजपा से जुड़े हुए हैं, चाहे वो हाकम सिंह हों या संजय धारीवाल या धर्मेंद्र सिंह चौहान।”
करण माहरा ने हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच कराने की मांग की और कहा कि यूकेएसएसएससी अध्यक्ष गणेश सिंह मर्तोलिया के रहते निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। उन्होंने मांग की कि मर्तोलिया को तत्काल बर्खास्त किया जाए।
पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि भाजपा सरकार में रेत, बजरी और पत्थर की चोरी पहले से आम थी, अब पेपर चोरी का रिवाज भी बढ़ गया है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस राज्य के बेरोजगार नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी और अब इस सरकार को उखाड़ फेंक कर ही दम लेगी।”
पूर्व अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने सरकार की विफलताओं का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था, विकास और रोजगार हर मोर्चे पर भाजपा पूरी तरह फेल हो गई है। उन्होंने कहा कि अब यह सरकार हटाई जानी चाहिए ताकि राज्य के हर वर्ग का भला हो सके।
सभा का संचालन कर रहे प्रदेश उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि अब तक पेपर लीक मामले को निरस्त नहीं किया गया है और इसके लिए जिम्मेदार यूकेएसएसएससी अध्यक्ष गणेश मर्तोलिया अभी भी पद पर बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तब तक आंदोलन जारी रखेगी जब तक इन मांगों को पूरा नहीं किया जाता।
कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और प्रदेश पदाधिकारी प्रदर्शन में शामिल हुए। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी धक्का-मुक्की हुई, लेकिन कांग्रेसियों ने शांतिपूर्ण ढंग से जनसभा को जारी रखा।




