राज्य संपत्ति विभाग ने तीन मंत्री आवास खाली कराने को भेजे नोटिस
धामी मंत्रिमंडल विस्तार की आहट
मुख्यमंत्री धामी ने भी मंत्रिमंडल के शीघ्र विस्तार के दिए थे संकेत
देहरादून। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी तेज हो गई है। इसी क्रम में राज्य संपत्ति विभाग ने कैबिनेट मंत्री स्तर के तीन सरकारी आवास खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बुधवार को विभाग की ओर से इन आवासों को लेकर औपचारिक नोटिस जारी किए गए।
राज्य संपत्ति विभाग की ओर से जो आवास खाली कराने को कहा गया है, उनमें पहला आवास पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल का है। ज्ञात हो कि उन्होंने 16 मार्च 2025 को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के बाद उन्हें आवास खाली करना था, लेकिन अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। दूसरा आवास दिवंगत मंत्री चंदन रामदास को आवंटित था। अप्रैल 2023 में उनके निधन के बाद यमुना कॉलोनी स्थित सरकारी आवास विभाग को वापस नहीं मिला। तीसरा आवास सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी के पास है, जिन्हें भी नोटिस भेजकर आवास खाली करने को कहा गया है।
इस कार्रवाई के तहत राज्य संपत्ति विभाग के व्यवस्था अधिकारी रविंद्र पांडेय ने नोटिस जारी किए। विभागीय सचिव रणवीर सिंह चौहान ने भी बुधवार को इसकी पुष्टि की। इसी दिन राज्य संपत्ति अधिकारी लक्ष्मण सिंह विधानसभा परिसर पहुंचे और मंत्रियों के रिक्त कार्यालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां चल रहे अधिकारियों के कार्यालयों का ब्योरा लिया तथा सभी ऑफिसों की साफ-सफाई और दुरुस्ती के निर्देश दिए, ताकि मंत्रिमंडल विस्तार की स्थिति में नए मंत्रियों को कार्यालय आवंटन में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
इसी क्रम में राज्य संपत्ति विभाग ने अपने वाहन बेड़े में भी फेरबदल शुरू कर दिया है। बेहतर स्थिति वाले कुछ इनोवा वाहनों को रिज़र्व में रखा गया है, जिन्हें नए मंत्रियों को आवंटित किया जा सकेगा। विभागीय स्तर से अचानक आई इस तेजी को सीधे तौर पर आगामी मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी से जोड़ा जा रहा है।
गौरतलब है कि वर्तमान में धामी मंत्रिमंडल में लगभग 7 मंत्री कार्यरत हैं, जबकि विधान सभा की सीमा के अनुसार मंत्रिमंडल में अधिकतम 11 मंत्री हो सकते हैं। इसका मतलब है कि 5 मंत्री पद फिलहाल रिक्त हैं। इसी कारण से मंत्रिमंडल विस्तार की कवायद को तेज माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले ही संकेत दिए थे कि मंत्रिमंडल का विस्तार शीघ्र होने वाला है। बीते रोज उनका विधानसभा पहुंचना भी इसी कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है। अब राज्य संपत्ति विभाग की गतिविधियों और मंत्री आवासों पर नोटिस जारी होने से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार मंत्रिमंडल विस्तार की ओर निर्णायक कदम बढ़ा रही है।




