मध्यमहेश्वर में फंसे 200 तीर्थयात्री, पैदल मार्ग ध्वस्त
SDRF-DDRF की टीमें रेस्क्यू में जुटीं, आधे से अधिक सुरक्षित निकाले गए

देहरादून, 17 अगस्त : उत्तराखंड में शनिवार रात सेl जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भूस्खलन की वजह से द्वितीय केदार मध्यमहेश्वर के पैदल मार्ग का लगभग 50 मीटर हिस्सा बह गया, जिससे गोंडार और बणतोली के बीच करीब 200 तीर्थयात्री फंस गए।
सूचना मिलते ही SDRF (राज्य आपदा प्रतिवादन बल) और DDRF (जिला आपदा प्रतिवादन बल) की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया। शाम तक 100 से अधिक श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि शेष यात्रियों को निकालने का कार्य देर रात तक जारी था।
नदियों का जलस्तर चेतावनी रेखा पर
लगातार बारिश से प्रदेश की कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। भूस्खलन और मलबे से हाईवे से लेकर ग्रामीण संपर्क मार्ग तक कई जगहों पर यातायात बाधित हो गया। लोक निर्माण विभाग और सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमें दिनभर सड़कों से मलबा हटाने में जुटी रहीं।
मौसम विभाग ने 21 अगस्त तक राज्य के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को विशेषकर बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। विभाग का पूर्वानुमान सही साबित हुआ, क्योंकि शनिवार रात से ही प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश हो रही है।
जिला प्रशासन ने बताया कि मध्यमहेश्वर घाटी में फंसे श्रद्धालुओं को निकालने और मार्ग की मरम्मत के लिए बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं। राज्य आपातकालीन केंद्र ने मौसम की स्थिति और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आठ जिलों में बाढ़ चेतावनी जारी की है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने अलर्ट मोड पर रहते हुए नदियों की सतत निगरानी शुरू कर दी है।




