जहां पानी छूते ही जानवर बन जाते हैं पत्थर, पर नहीं मरते फ्लेमिंगो
दुनिया की सबसे रहस्यमयी झील!

झीलें जहां आमतौर पर सुकून और प्राकृतिक सुंदरता का प्रतीक होती हैं, वहीं पूर्वी अफ्रीका के तंजानिया में स्थित नैट्रॉन झील (Lake Natron) अपने रहस्यमयी और भयावह स्वभाव के कारण दुनिया की सबसे खतरनाक और बदनाम झील मानी जाती है।

यह झील कुछ ऐसी है जहां पानी को छूते ही जीव-जंतु पत्थर जैसी मूर्तियों में तब्दील हो जाते हैं। नैट्रॉन झील की उपग्रह से ली गई तस्वीरें इतनी लाल होती हैं कि पहली नज़र में इसे खून से भरी झील समझा जाता है। सुनने में यह किसी हॉलीवुड फिल्म जैसी कहानी लगती है, लेकिन यह पूरी तरह वैज्ञानिक सचाई पर आधारित है।
कैसे बनती है ‘ममी झील’?
नैट्रॉन झील के पास स्थित ओल दोइन्यो लेंगाई नामक ज्वालामुखी पृथ्वी का अकेला ऐसा सक्रिय ज्वालामुखी है जो नैट्रोकार्बोनेटाइट लावा उगलता है। यही लावा बारिश और नदियों के ज़रिये इस झील में आकर उसे असाधारण रूप से क्षारीय (alkaline) बना देता है।
झील का pH स्तर 10.5 से भी अधिक होता है — लगभग ब्लीच या अमोनिया जैसा। इस पानी में मौजूद सोडियम कार्बोनेट और अन्य खनिज किसी मृत जीव के शरीर को संरक्षित कर देते हैं। नतीजतन, जो पक्षी या जानवर गलती से इस पानी में गिर जाते हैं, उनका शरीर कठोर होकर ममी या पत्थर जैसी आकृति में तब्दील हो जाता है।
मिस्र में भी ममी बनाने में यही रसायन ‘नैट्रॉन’ प्रयोग किया जाता था।।
फ्लेमिंगो को क्यों कुछ नहीं होता?
चौंकाने वाली बात यह है कि यही झील मिलियनों फ्लेमिंगो पक्षियों के लिए प्रजनन स्थल भी है। दरअसल, उनके शरीर की संरचना और विशेष प्रकार की त्वचा इस झील के रसायनों से प्राकृतिक सुरक्षा कवच बनाती है।
इसके अलावा, झील के नमकीन पानी में पनपने वाले साइनोबैक्टीरिया (Cyanobacteria) फ्लेमिंगो का प्रमुख आहार हैं, जिससे उन्हें जीवित रहने का आधार भी यहीं मिलता है।
इसलिए नैट्रॉन झील उनके लिए मृत्यु नहीं, जीवन का केंद्र बन जाती है।
मूर्तियाँ नहीं, झील की मार्मिक यादें हैं ये
प्रसिद्ध फोटोग्राफर निक ब्रांट ने झील के किनारे मृत पक्षियों की चौंकाने वाली तस्वीरें ली थीं। उन्होंने उन जमी हुई आकृतियों को इंसानी पोज़ में बैठाकर एक फोटो सीरीज़ तैयार की — Across the Ravaged Land — जिसने दुनिया भर को चौंका दिया।
इंसानों के लिए बेहद खतरनाक
हालांकि अभी तक इंसानों के झील में डूबने के कोई स्पष्ट मामले सामने नहीं आए हैं, लेकिन वैज्ञानिक मानते हैं कि यदि कोई व्यक्ति इस झील में कूदे तो उसकी त्वचा और आंखें बुरी तरह जल सकती हैं। पानी के संपर्क से शरीर पर पपड़ी जमने लगती है और त्वचा जलन से झुलस सकती है।
2007 में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में झील पर गिरा विमान कुछ ही घंटों में जंग से भर गया। वैज्ञानिकों के अनुसार यह झील किसी भी धातु या शरीर को बहुत तेज़ी से corrode कर सकती है
डर और विज्ञान का अनोखा संगम
नैट्रॉन झील एक रहस्यमयी प्राकृतिक चमत्कार है — जो जहां एक ओर मौत और जड़ता का प्रतीक बनती है, वहीं दूसरी ओर जीवन और संरक्षण का भी गवाह है।
यह झील हमें बताती है कि प्रकृति कितनी सौंदर्यपूर्ण होते हुए भी विनाशकारी हो सकती है। नैट्रॉन झील सिर्फ एक झील नहीं, यह विज्ञान, रहस्य और चेतावनी का प्रतीक है।



