बड़ा हादसा: पीपलकोटी में टनल में भरा मलबा और पानी, तीन की मौत, 22 मजदूर फंसे

16 घायल निकाले गए, गोपेश्वर अस्पताल में भर्ती
चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में पीपलकोटी क्षेत्र के मयापुर में गुरुवार रात बड़ा टनल हादसा हो गया। यहां टीएचडीसी की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में अचानक पानी और मलबा घुसने से करीब 22 मजदूर टनल के भीतर फंस गए। हादसे में तीन मजदूरों की मौत की सूचना है, जबकि 16 मजदूरों को घायल अवस्था में बाहर निकाल लिया गया है। सभी घायल मजदूरों को जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती कराया गया है। वहीं, टनल में फंसे अन्य मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है।
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना और अन्य संबंधित टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। इसके बाद टनल के भीतर फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। बचाव दलों ने मुश्किल परिस्थितियों के बीच टनल में पहुंचकर मलबा हटाने और अंदर फंसे मजदूरों तक पहुंचने का प्रयास शुरू किया।
रेस्क्यू अभियान के दौरान 16 मजदूरों को घायल अवस्था में बाहर निकाला गया है। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल गोपेश्वर भेजा गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। वहीं, हादसे में तीन मजदूरों की मौत की जानकारी सामने आई है। मृतकों के नाम प्रदीप पंवार (35), ग्राम गांवर, चंबा, टिहरी , मुकेश और दुर्लभ शर्मा बताए जा रहे हैं। टनल के भीतर अन्य मजदूरों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए बचाव अभियान अभी जारी है।
पानी और मलबे के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन
टनल में अचानक पानी और मलबा घुसने के कारण बचाव दलों के सामने चुनौती बनी हुई है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना और अन्य टीमें लगातार मलबा हटाने तथा टनल के भीतर फंसे मजदूरों तक सुरक्षित पहुंच बनाने में जुटी हैं। मौके पर रेस्क्यू के लिए जरूरी संसाधन और उपकरण लगाए गए हैं।
जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। बचाव दलों का पूरा प्रयास टनल में फंसे मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है।
मुख्यमंत्री धामी ले रहे पल-पल की जानकारी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वह वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में हैं और टनल हादसे तथा राहत एवं बचाव अभियान की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि टनल में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सभी जरूरी संसाधनों का इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि सरकार की इस समय सबसे बड़ी और सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में फंसे हर एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है।




