
पर्यटन को राहत: उत्तराखंड में व्यावसायिक गैस सिलिंडर आपूर्ति पर लगी रोक हटी
देहरादून: एलपीजी संकट के बीच उत्तराखंड सरकार ने व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति पर लगी रोक हटाकर पर्यटन और कारोबार जगत को बड़ी राहत दी है। सरकार ने आगामी चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन को ध्यान में रखते हुए नई एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) जारी की है, जिसके तहत अब होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक इकाइयों को उनकी दैनिक आवश्यकता का न्यूनतम 20 प्रतिशत कोटा अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाएगा।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव आनंद स्वरूप ने बताया कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद व्यावसायिक सिलिंडरों के लिए प्राथमिकता क्षेत्र तय किए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत प्रतिदिन 2650 कॉमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों की आपूर्ति की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी प्रमुख तेल कंपनियों—आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल—को उनकी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार सौंपी गई है।
सरकार ने कोटे के आवंटन में रेस्टोरेंट और ढाबों को सर्वाधिक 37 प्रतिशत प्राथमिकता दी है, जबकि होटल और रिसॉर्ट्स को 28 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। फार्मास्युटिकल सेक्टर को 7 प्रतिशत, सरकारी गेस्ट हाउस, औद्योगिक कैंटीन और पीजी छात्रावासों को 6-6 प्रतिशत तथा डेयरी, होमस्टे और स्वयं सहायता समूहों को 5-5 प्रतिशत कोटा निर्धारित किया गया है।
जिलावार आवंटन में देहरादून को सर्वाधिक 31 प्रतिशत हिस्सा मिला है। हरिद्वार और नैनीताल को 13-13 प्रतिशत, ऊधमसिंह नगर को 9 प्रतिशत, चमोली को 6 प्रतिशत और रुद्रप्रयाग को 5 प्रतिशत आवंटित किया गया है। टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी और अल्मोड़ा को 4-4 प्रतिशत, पिथौरागढ़ को 3 प्रतिशत तथा बागेश्वर और चंपावत को 2-2 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा।




