चारधाम यात्रा में ऑनलाइन पंजीकरण पर लगेगा शुल्क, जल्द शुरू होगी नई प्रक्रिया

देहरादून। चारधाम यात्रा की ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में देहरादून में आयोजित बैठक में तय किया गया कि अब ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले यात्रियों से शुल्क लिया जाएगा। शुल्क की अंतिम राशि तय करने के लिए अपर आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद एक-दो दिन के भीतर नई पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
यात्रा ट्रांजिट कैंप में आयोजित इस बैठक में होटल एसोसिएशन, टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन, संयुक्त रोटेशन और डंडी-कंडी संचालकों ने भाग लिया। बैठक के दौरान होटल संचालकों ने बताया कि कई यात्री ऑनलाइन पंजीकरण तो कर लेते हैं, लेकिन यात्रा पर नहीं पहुंचते, जिससे वास्तविक श्रद्धालुओं को स्लॉट नहीं मिल पाता। इस समस्या को देखते हुए फर्जी और अनावश्यक पंजीकरण रोकने के लिए न्यूनतम शुल्क लागू करने का प्रस्ताव सामने रखा गया।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में यात्रियों की संख्या पर कोई सीमा नहीं लगाई जाएगी, लेकिन हर यात्री के लिए पंजीकरण अनिवार्य रहेगा और पूर्व निर्धारित दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। साथ ही स्थानीय वाहनों को प्राथमिकता देने, बाहरी राज्यों के वाहनों पर आवश्यक कार्रवाई करने और यात्रा मार्गों पर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में होटल परिसरों में पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही डंडी-कंडी संचालकों के पंजीकरण और सत्यापन कार्य को समय पर पूरा करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए, ताकि यात्रा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से तैयार हो सकें।
नई पंजीकरण व्यवस्था लागू होने के बाद फर्जी बुकिंग पर रोक लगेगी और वास्तविक यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है। प्रशासन का लक्ष्य इस बार चारधाम यात्रा को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और सुचारु बनाना है।



