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उत्तराखंड का नाम रोशन करेंगे स्वप्निल जोशी, राष्ट्रीय सीनियर बास्केटबॉल में चयन

4 से 11 जनवरी तक चेन्नई (तमिलनाडु) में होगा राष्ट्रीय सीनियर बास्केटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन

देहरादून। उत्तराखंड के युवा खिलाड़ियों के लिए गर्व की खबर है। राज्य के एक प्रतिभाशाली बास्केटबॉल खिलाड़ी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बना ली है। शानदार प्रदर्शन के दम पर उनका चयन राष्ट्रीय सीनियर बास्केटबॉल प्रतियोगिता के लिए हुआ है।

चकराता क्षेत्र से आने वाले इस खिलाड़ी ने राज्य स्तरीय सीनियर बास्केटबॉल प्रतियोगिता में बेहतरीन खेल दिखाते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। इसके बाद उन्हें उत्तराखंड की राष्ट्रीय बास्केटबॉल टीम में शामिल किया गया।

यह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि कोरु खत के मुन्धान गांव निवासी, चकराता तहसील (जिला देहरादून) के स्वप्निल जोशी (28) हैं, जो अब चेन्नई में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे।

राष्ट्रीय सीनियर बास्केटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन 4 जनवरी से 11 जनवरी तक चेन्नई (तमिलनाडु) में किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में स्वप्निल जोशी उत्तराखंड टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे।

स्वप्निल जोशी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने मार्गदर्शकों को देते हुए बताया कि शुरुआती दौर में उन्हें साकेत पंत और नवनीत सुंदरियाल से भरपूर सहयोग और मार्गदर्शन मिला, जिससे उनके खेल को मजबूती मिली।

स्वप्निल इससे पहले तीन बार गढ़वाल विश्वविद्यालय की ओर से अंतर-विश्वविद्यालय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में भाग ले चुके हैं। इसके अलावा वे पंजाब विश्वविद्यालय की टीम से भी विभिन्न प्रतियोगिताओं में खेल चुके हैं। निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते उन्होंने राज्य के उभरते बास्केटबॉल खिलाड़ियों में अपनी अलग पहचान बनाई है।

स्वप्निल के पिता लाखीराम जोशी वन अनुसंधान संस्थान (FRI) से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, जबकि उनकी माता सुन्नी जोशी उत्तरकाशी जिले के आराकोट में सहायक अध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं। राष्ट्रीय स्तर पर चयन होने से परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ग्राम प्रधान नरेश जोशी, कालसी ब्लॉक प्रमुख सावित्री देवी और कनिष्ठ उप प्रमुख मीरा राठौर सहित कई जनप्रतिनिधियों ने उन्हें बधाई दी है।

स्वप्निल जोशी की यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह साबित करती है कि मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से राष्ट्रीय स्तर तक सफलता हासिल की जा सकती है।

 

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