
देहरादून। मर्सिडीज बेंज इंडिया प्रा. लि. के चेयरमैन, बार्कले मोटर्स देहरादून के निदेशकों और अन्य पदाधिकारियों पर दर्ज धोखाधड़ी के मामले में पटेलनगर पुलिस द्वारा लगाई गई एफआर (फाइनल रिपोर्ट) को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय संदीप सिंह भंडारी ने तल्ख टिप्पणियों के साथ एफआर को निरस्त करते हुए पटेलनगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को मामले की दोबारा जांच के आदेश दिए हैं।
यह मामला दून निवासी फिल्म प्रोड्यूसर जय प्रकाश तिवारी को नई कार के नाम पर पुराने मॉडल की मर्सिडीज कार बेचने से जुड़ा है। तिवारी ने बताया कि वह नए मॉडल की कार खरीदने के शौकीन हैं। फरवरी 2023 में उन्होंने नई मर्सिडीज C-Class 2023 खरीदने के लिए अपनी पुरानी कार 18 लाख रुपये के घाटे में बेची और नया मॉडल बुक कराया था। कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए इनवॉइस, परचेज ऑर्डर और इंश्योरेंस में भी निर्माण वर्ष 2023 ही दर्ज था।
कुछ समय बाद वह अपनी कार एक्सचेंज कर नई मर्सिडीज GLC मॉडल लेने शोरूम पहुंचे, जहां उन्हें बताया गया कि उनकी कार पर 30% डेप्रिसिएशन कटेगा क्योंकि वाहन वास्तव में 2022 मॉडल है। इस खुलासे के बाद तिवारी ने कंपनी अधिकारियों से जवाब मांगा तो कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। आरोप है कि शोरूम प्रबंधन ने मामले को दबाने के लिए फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए और आपत्ति करने पर उन्हें चुप रहने की धमकी दी।
तिवारी की शिकायत पर जनवरी 2024 में मर्सिडीज बेंज इंडिया प्रा. लि. पुणे के चेयरमैन, एमडी/सीईओ संतोष अय्यर सहित संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पटेलनगर पुलिस ने जांच में कुछ न मिलने का हवाला देकर एफआर लगा दी थी, जिसे अब कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
कोर्ट के आदेश के बाद अब मामले में नई जांच शुरू की जाएगी।




